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एसबीआई ने उधारी दरों में की बढ़ोतरी

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:00 PM IST

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने सीमांत लागत पर आधारित उधारी दर (एमसीएलआर) में 10 आधार अंक का इजाफा किया है, जो हर तरह की अवधि पर लागू होगा और यह 15 मई से प्रभावी हो गया है। यह दूसरा मौका है जब सरकारी स्वामित्व वाले लेनदार ने कई महीनों में एमसीएलआर में इजाफा किया है। परिणामस्वरूप एसबीआई की ओवरनाइट, एक महीने, तीन महीने का एमसीएलआर अब 6.85 फीसदी हो गया है, जो पहले 6.75 फीसदी था। इसी तरह छह महीने का एमसीएलआर 7.15 फीसदी, एक साल का एमसीएलआर 7.20 फीसदी, दो साल का एमसीएलआर 7.40 फीसदी और तीन साल का एमसीएलआर 7.50 फीसदी हो गया है।
एसबीआई की तरफ से एमसीएलआर में बढ़ोतरी मौद्रिक नीति समिति की तरफ से बेंचमार्क ब्याज दर यानी रीपो दरों में 40 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद हुआ है, जो अब 4.4 फीसदी हो गया है। बढ़ती महंगाई को थामने के लिए समिति ने यह कदम उठाया है। पिछले महीने सार्वजनिक बैंक ने एमसीएलआर में 10 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी, जो एमपीसी की तरफ से बेंचमार्क दर में इजाफे से पहले हुआ था। ऐसे में प्रभावी तौर पर लेनदार ने अप्रैल से अब तक एमसीएलआर में 20 आधार अंकों का इजाफा किया है।
दिसंबर 2021 में बैंंकिंग सिस्टम का 39 फीसदी से ज्यादा कर्ज बाह्य बेंचमार्क से जुड़ा हुआ था और यह जानकारी आरबीआई के आंकड़ों से मिली। इसके अलावा 58.2 फीसदी होमलोन बाह्य बेंचमार्क से जुड़ा हुआ है।
एसबीआई ने थोक सावधि जमाओं पर ब्याज दरें 40 से 90 आधार अंक तक बढ़ाई है, जो 10 मई से प्रभावी हुआ है।

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First Published - May 16, 2022 | 12:26 AM IST

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