Sugar Production: महाराष्ट्र में गन्ने की मिठास बढ़ने की वजह से राज्य में चीनी का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी से अधिक हुआ। लेकिन देश के दूसरे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में अनुमान के मुताबिक उत्पादन न होने से देश में चीनी उत्पादन महज 22 फीसदी बढ़ा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अभी तक देशभर में 158.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि महाराष्ट्र करीब 65.50 लाख टन चीनी का उत्पादन करके सबसे आगे खड़ा है।
साल 2025-26 के चालू सीजन में महाराष्ट्र में गन्ना की पेराई जोरों पर है, राज्य के सभी हिस्सों में पेराई का काम तेजी से चल रहा है। महाराष्ट्र चीनी आयुक्तालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 18 जनवरी तक 198 चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी थी। अब तक, इन मिलों ने 724.47 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की है, जिससे 654.93 लाख क्विंटल (65.493 लाख टन ) चीनी का उत्पादन हुआ है। औसत चीनी रिकवरी दर फिलहाल 9.04 फीसदी है। पिछले सीजन में इसी समय तक राज्य में 199 मिलों ने काम शुरू कर दिया था, और 518.68 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की थी। पिछले साल औसत चीनी रिकवरी दर 8.85 फीसदी थी और इस समय तक राज्य में करीब 44 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
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राज्य में चालू 198 चालू मिलों में से 98 सहकारी और 100 निजी स्वामित्व वाली हैं। कोल्हापुर डिवीजन चीनी उत्पादन और रिकवरी दर दोनों में सबसे आगे बना हुआ है। कोल्हापुर डिवीजन की सभी 37 मिलें चालू हैं, जिन्होंने 158.44 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की है और राज्य की सबसे ज्यादा 10.64 फीसदी रिकवरी दर हासिल की है, जिससे 168.57 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है।
पुणे डिवीजन में 30 मिलें चालू हैं, जिन्होंने 9.28 फीसदी की रिकवरी दर पर 166.6 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की है, जिसके परिणामस्वरूप 154.66 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। सोलापुर विभाग में सबसे ज्यादा 46 मिलें चल रही हैं इस इलाके में 155.94 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई है, जिसमें 8.15% की रिकवरी दर दर्ज की गई है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड यानी NFCSF के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 सीजन (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान भारत का चीनी उत्पादन 15 जनवरी तक 158.85 लाख टन तक पहुंच गया। ये आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि के 130.60 लाख टन से 22 प्रतिशत अधिक है। महाराष्ट्र को छोड़कर दूसरे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में चीनी का उत्पादन अनुमान के मुताबिक कम है।
देश में गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में उत्पादन 7 फीसदी से भी कम बढ़कर 45.70 लाख टन हो गया, जो पिछले साल 42.85 लाख टन था। कर्नाटक में भी 27.10 लाख टन के मुकाबले 30.70 लाख टन उत्पादन हुआ है, जो लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है। इस सीजन में अब तक देश में कुल चीनी प्रोडक्शन में इन तीनों राज्यों का हिस्सा लगभग 89 प्रतिशत है।
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देश में इस साल चीनी के रिकवरी रेट में सुधार देखने को मिल रहा है। देशभर का औसत रिकवरी रेट 9.01 फीसदी है जबकि पिछले साल यह 8.80 फीसदी था। रिकवरी रेट का मतलब है गन्ने से बनने वाली चीनी, 9 फीसदी रिकवरी रेट का मतलब है 100 किलो गन्ने से 9 किलो चीनी तैयार हो रही। इस साल अभी तक महाराष्ट्र में रिकवरी दर पिछले साल के 8.85 फीसदी की अपेक्षा 9.04 फीसदी हो गई। जबकि कर्नाटक में रिकवरी पिछले साल से कम है पिछले साल यहां रिकवरी दर 8.50 फीसदी था जबकि इस बार 8.05 फीसदी है। हालांकि उत्तर प्रदेश में चीनी की रिकवरी दर सबसे बेहतर देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश में रिकवरी 9.05 परसेंट से बढ़कर 9.80 फीसदी हो गई है।