facebookmetapixel
Advertisement
देशव्यापी बैंक हड़ताल में शामिल हुए लाखों कर्मचारी, चेक क्लियरेंस और नकद लेन-देन सेवा हुई प्रभावितशेयर बाजार में लगातार 5वें हफ्ते भी हाहाकार, कच्चे तेल की आग और FII की बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी पस्तटोल प्लाजा के चक्कर से मिलेगी मुक्ति! बोले गडकरी: बैरियर फ्री टोलिंग से ₹10,000 करोड़ बढ़ेगा राजमार्ग संग्रहदिल्ली में सजा ‘ब्रिक्स बाजार’, एक छत के नीचे दिखा 18 देशों की कला, हस्तशिल्प और संस्कृति का अनूठा संगम‘राजनीतिक झटकों से बचाएगा स्थानीय मुद्रा में व्यापार’, ब्रिक्स में बोले ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियानयूपी में 6,566 करोड़ का निवेश करेंगी तीन वैश्विक पैकेजिंग कंपनियां, मेरठ-उन्नाव में लगेंगी यूनिट‘दुनिया में रुकावटें तो भारत बना रहा आर्थिक पुल’, ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले PM मोदी: व्यापार बाधाएं खत्म करें देश‘AI दोधारी तलवार, सुरक्षा उपायों के बिना बेकाबू होने का खतरा’, निर्मला सीतारमण ने जताई चिंता‘टैरिफ व संरक्षणवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा’, ब्रिक्स देशों ने कहा: ये WTO नियमों के खिलाफनई दिल्ली में ब्रिक्स-भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी, 37 स्वदेशी डीप-टेक स्टार्टअप कर रहे निवेशकों से पर चर्चा

आरबीएल बैंक को जून तिमाही में हुआ मुनाफा

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:23 PM IST

आरबीएल बैंक ने आज बताया कि इस तिमाही में उसे कर हटाकर 201.16 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है जो कि पिछले साल 459.7 करोड़ के शुद्ध घाटे में था। जनवरी-मार्च की तिमाही के बाद निजी क्षेत्र की बैंक को 1.7 फीसदी का शुद्ध लाभ हुआ है।
अप्रैल-जून में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 1,027.73 करोड़ रुपये थी, जो बीते वर्ष 969.5 करोड़ से छह फीसदी अधिक रही। शुद्ध ब्याज आय, ब्याज कमाने और ब्याज खर्च करने के बीच का अंतर होता है। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन अप्रैल-जून में 4.36 फीसदी रही।
समीक्षाधीन तिमाही के लिए, प्रावधानों और आकस्मिकताओं से पहले बैंक का परिचालन लाभ 529.12 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के 766.14 करोड़ रुपये और एक तिमाही पहले 657.42 करोड़ रुपये से कम था।
अप्रैल-जून में बैंक की कुल आय 2,702.91 करोड़ रुपये थी। जो पिछले वर्ष की 2,679.19 करोड़ रुपये की तुलना में काफी हद तक स्थिर रही।
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आरबीएल बैंक की प्रावधानों और आकस्मिक देनदारी 81 फीसदी गिरावट के साथ 253 करोड़ रही जो बीते साल समान अवधि में 1384.36 करोड़ रुपये था।
बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी आर. एस कुमार बताते हैं, ‘परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है और हम इसे जारी रहने की उम्मीद करते हैं, इस साल ऋण लागत में तेजी से कमी देखी गई है, और हम कम से कम अगले 18-24 महीनों के लिए किसी भी इक्विटी पूंजी की परिकल्पना नहीं करते हैं।’

Advertisement
First Published - July 22, 2022 | 12:01 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement