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पेटीएम बैंक पर आरबीआई सख्त

Last Updated- December 11, 2022 | 8:45 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बीते शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीबी) को नए ग्राहक जोडऩे से रोक दिया था, जिसकी प्रमुख वजह अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) और, धनशोधन नियमों का उल्लंघन है। कई सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को इसकी जानकारी दी। बैंक ों से नया ग्राहक बनाने से पहले उसकी विस्तृत जांच-परख करने की उम्मीद की जाती है। उन्हें ग्राहक तथा उनके कारोबार को जानने की जरूरत होती है। ग्राहक की जांच-परख नहीं होने से धनशोधन का जोखिम रहता है। अगर बैंक ऐसा करने में विफल रहता है तो कई अन्य समस्या भी सामने आती है।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक में विजय शेखर शर्मा की 51 फीसदी और वन97 कम्युनिकेशंस की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नियामक ने आईटी ऑडिट के लिए ऑडिट फर्म नियुक्त करने का भी निर्देश दिया है। आरबीआई ने कहा कि नए ग्राहक आईटी ऑडिट की समीक्षा के बाद नियामक की मंजूरी से ही बनाए जा सकते हैं।
घटनाक्रम के जानकार सूत्रों ने कहा कि बैंकिग नियामक पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ छह महीने से केवाईसी-धनशोधन निषेध नियमों से संबंधित चिंता पर चर्चा कर रहा था और पेमेंट्स बैंक द्वारा नियमों का अनुपालन नहीं किए जाने के बाद कार्रवाई की गई है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में पेटीएम पेमेंट्स बैंक के चेयरमैन विजय शेखर शर्मा ने कहा था कि आरबीआई ने समस्या को दूर करने के लिए एक समयसीमा तय की है।
शर्मा ने कहा, ‘यह प्रक्रिया दो चरण की है। चीजों को दुरुस्त करने के लिए समय निर्धारित किया गया है, उसके बाद ऑडिटर की नियुक्ति की जाएगी।’
बैंकिंग उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा कि एफएटीएफ देशों की समीक्षा के मद्देनजर आरबीआई केवाईसी-धनशोधन निषेध नियमों के अनुपालन को लेकर सख्त है। डेलॉयट में पार्टनर (वित्तीय सलाहकार) केवी कार्तिक ने कहा, ‘भारत साल के अंत में या अगले साल की शुरुआत में एफएटीई की समीक्षा कर सकता है। आरबीआई ने जोखिम आकलन के लिए दिशानिर्देश भी जारी किया है। पिछले दो-तीन साल में धनशोधन निषेध कानून के अनुपालन की सख्ती से जांच की जा रही है।’
पिछले साल नवंबर में शेयर बाजार में दस्तक देने वाली पेटीएम का शेयर आरबीआई की कार्रवाई के बाद आज 12 फीसदी टूट गया। विश्लेषकों का कहना है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए ग्राहक बनाने से रोक लगाए जाने से पेटीएम के कारोबार पर असर पड़ सकता है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा है, ‘हम उम्मीद कर रहे थे कि वित्त वर्ष 2023 में पेटीएम के ग्राहक आधार में 10 फीसदी का इजाफा होगा और मासिक लेनदेन करने वाले उपोगकर्ताओं की संख्या 25 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। नई बंदिशों के बाद कंपनी मौजूदा उपयोगकर्ताओं के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाने का प्रयास करेगी। अब भुगतान राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और नए ग्राहकों की संख्या भी कम होगी।’
हालांकि शर्मा ने कहा कि पेटीएम के ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि आरबीआई ने पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, ‘पेटीएम भुगतान आधारित कारोबार है। मुझे नहीं लगता कि इससे कंपनी पर ज्यादा असर पड़ेगा।’

First Published - March 14, 2022 | 10:58 PM IST

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