facebookmetapixel
Silver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आया

RBI की रिपोर्ट से खुलासा: नकदी को लेकर बैंकों की बढ़ी चिंता, SDF में रिकॉर्ड निवेश

मध्य दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के अंत तक की अवधि में नकदी की कमी की स्थितियों और एसडीएफ के तहत कोष मुहैया करवाया गया।

Last Updated- April 22, 2025 | 10:30 PM IST
Reserve Bank of India (Reuters)

भारतीय रिजर्व बैंक के कुल नकदी लेने के अनुपात में स्थायी जमा सुविधा (स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिल्टी- एसडीएफ) की हिस्सेदारी बढ़ना बैंकों के कोष की एहतियाती मांग की वृद्धि को दर्शाता है। यह जानकारी ‘स्थायी जमा सुविधा के तीन वर्ष : कुछ अंतर्दृष्टि’ रिपोर्ट में मंगलवार को दी गई। इस रिपोर्ट के लेखक भारतीय रिजर्व बैंक के स्टॉफ हैं लेकिन यह केंद्रीय बैंक का नजरिया नहीं है। 

बैंकों ने इस अवधि में एसडीएफ के तहत 2.13 लाख करो़ड़ रुपये का निवेश किया और यह बीते माह के 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। मध्य दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के अंत तक की अवधि में नकदी की कमी की स्थितियों और एसडीएफ के तहत कोष मुहैया करवाया गया।

First Published - April 22, 2025 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट