facebookmetapixel
Advertisement
NCDEX ने लॉन्च किया ‘Nidhi’ म्युचुअल फंड ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म, अब एक ही जगह SIP, निवेश और रिडेम्पशनAnti Paper Leak Law: अमेरिका, चीन, जापान समेत दुनिया के देशों में परीक्षा में नकल पर क्या है सजा? जानिए नियमदिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए कैसे करें आवेदन? महिलाओं के खातें में हर महीने आएंगे ₹2,500Ambuja Cements Share: कमजोर Q1 नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग बरकरार; ₹568 तक टारगेटक्या UPI, NEFT या RTGS से पैसे भेजने पर भी आ सकता है Income Tax का नोटिस?Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा से पास एंटी पेपर लीक बिल, दोषियों को 10 साल की जेल और ₹50 लाख जुर्मानाCWG 2026: भारत को अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत पदक मिले; पदक तालिका में 9वें स्थान परITR e-Verification: रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जरूर कर लें वेरिफिकेशन, जानें 5 आसान तरीकेFD Rates: सीनियर सिटीजन को मिल रहा 8.5% तक ब्याज, जानिए किस बैंक में मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्नविजय केडिया, मधुसूदन केला या आशीष धवन… जुलाई में किसके पोर्टफोलियो ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्न?

आरबीआई ने टाली एमपीसी की बैठक

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 11:49 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को अपने एक अप्रत्याशित बयान में कहा कि वह अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 29, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को होने वाली बैठकें स्थगित कर रहा है। आरबीआई ने कहा कि वह संशोधित तारीखों की अधिसूचना बाद में जारी करेगा।
आरबीआई ने अपने बयान में कहा, ‘मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 29, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर 2020 को होने वाली बैठकों की तारीखों में बदलाव किया जा रहा है। एमपीसी की बैठक की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।’
हालांकि इस केंद्रीय बैंक ने बैठक स्थगित करने की कोई वजह नहीं बताई है, मगर सरकार अभी तक छह सदस्यीय एमपीसी के बाहरी सदस्यों के नामों की घोषणा नहीं कर पाई है। पिछले तीन बाहरी सदस्य-पम्मी दुआ, रवींद्र ढोलकिया और चेतन घाटे 22 सितंबर अपने पद से हट चुके हैं। यह साफ नहीं है कि क्या आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज की अगुआई वाली खोज समिति ने उम्मीदवार चिह्नित कर लिए हैं और उनके नामों की सरकार से सिफारिश की है, लेकिन अभी तक सरकार ने नामों की अधिसूचना जारी नहीं की है। इस खोज समिति में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल और नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार भी शामिल हैं। एक सूत्र ने कहा कि आरबीआई गवर्नर इस काम में पूरी तरह शामिल नहीं हैं, समिति जरूरत पडऩे पर उनके साथ विचार-विमर्श करती है।
इससे पहले सरकार ने संकेत दिया था कि इन नामों को मंजूरी 28 सितंबर तक दी जाएगी। हालांकि अगर सोमवार को नामों की घोषणा कर भी दी गई तो नए सदस्यों के लिए सीधे एमपीसी की बैठकों में शामिल होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होगा।
इन नियमों से परिचित लोगों का कहना है कि नए सदस्यों को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर समेत बहुत सी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। केंद्रीय बैंक को औपचारिकता के रूप में सदस्यों को बैठकों के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करना होगा। उसके बाद ही सदस्यों को नीतिगत बैठकों में हिस्सा लेने की तैयारी करनी चाहिए। ये सभी चीजें नियुक्ति के अलगे ही दिन नहीं हो सकतीं, इसलिए बैठक टाल दी गई है।
हालांकि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि स्थगन से बैठक के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय बैंक के इस बार नीतिदर दरों को अपरिवर्तित रखने के आसार हैं क्योंकि महंगाई लक्षित दायरे के ऊपरी छोर छह फीसदी से अधिक बनी हुई है और दरों में पिछली कटौतियों का पूरा लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया गया है।
दरअसल यह संभव है कि दरों में अगली कटौती बजट के आंकड़े देखने के बाद फरवरी की बैठकों में हो। पिछले साल बिज़नेस स्टैंडर्ड ने जिन 10 अर्थशास्त्रियों और बॉन्ड ट्रेडरों का पोल किया था, उन्होंने दरों को लेकर यथास्थिति रहने और एमपीसी के उदार रुख अपनाने का अनुमान जताया था। केंद्रीय बैंक ने अगस्त में एमपीसी की पिछली बैठक में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखा था ताकि महंगाई नियंत्रित की जा सके। आरबीआई ने कहा था कि महामारी के बाद अर्थव्यवस्था अत्यधिक कमजोर है।
आरबीआई ने तरलता बढ़ाने के बहुत से कदम उठाए हैं, जिनके आगामी समय में जारी रहने की संभावना है। केंद्रीय बैंक ने 30 सितंबर को समाप्त होने वाली सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) 31 मार्च तक बढ़ा दी है। इसके तहत बैंक बॉन्ड गिरवी रखकर अपनी जमाओं के अतिरिक्त एक फीसदी का उपयोग कर सकते हैं। इससे बैंकों को 1.49 लाख करोड़ रुपये तक की राशि मिल सकती है।

Advertisement
First Published - September 28, 2020 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement