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2 बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया बढ़ी

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:35 PM IST

वित्तीय सेवाओं के सचिव संजय मल्होत्रा ने आज कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पिछले बजट में घोषित 2 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के निजीकरण की प्रक्रिया चल रही है और उस पर ‘उच्च स्तर पर कार्रवाई’ हो रही है।
2021-22 के केंद्रीय बजट में सीतारमण ने घोषणा की थी कि आईडीबीआई बैंक के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के 2 बैंकों का निजीकरण किया जाएगा। बहरहाल इस साल के बजट भाषण में 2 पीएसबी के निजीकरण की प्रक्रिया में हुई प्रगति के बारे में कोई चर्चा नहीं की गई।
आजादी का अमृत महोत्सव उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में मल्होत्रा ने कहा, ‘जहां तक बैंकों के निजीकरण का सवाल है, वित्त मंत्री ने पहले ही सदन में बयान दे दिया है, जिसमें प्रावधानों को लागू करने की बात कही गई है। इस मसले पर उच्च स्तर पर कार्रवाई चल रही है।’
इस मामले में सरकार की नीति संबंधी थिंक टैंक नीति आयोग ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण के लिए बैंकों के नाम सुझाए थे। केंद्र सरकार को सरकारी हिस्सेदारी घटाकर 51 प्रतिशत नीचे लाने के मसले पर कानून को सक्षम बनाना अभी बाकी है। सरकार ने पिछले साल शीतकालीन सत्र में बैंकिंग कंपनीज (एक्विजिशन ऐंड ट्रांसफर आफ अंडरटेकिंग) ऐक्ट, 1970 को पेश करने के लिए सूची में शामिल कया था, लेकिन विधेयक को संसद में पेश नहीं किया जा सका। खबरों के मुताबिक नीति आयोग ने सेंट्रल बैंक आफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक के निजीकरण का सुझाव दिया है।
दो सरकारी बैंकों के निजीकरण को मंजूरी देने का काम अभी विनिवेश सचिवों के मुख्य समूह (सीजीडी) को करना है, जिसके अध्यक्ष कैबिनेट सचिव हैं।

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First Published - May 31, 2022 | 12:26 AM IST

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