facebookmetapixel
Advertisement
Share Market Crash: IT शेयरों में भारी बिकवाली से मचा हड़कंप, सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा40 सुपरटैंकर और 80 मिलियन बैरल तेल: जानिए क्यों दुनिया भर की नजरें टिकी हैं होर्मुज परमहंगाई को लेकर सावधान रहने की जरूरत, इसलिए नहीं बदलीं ब्याज दरें: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राMF मार्केट में बड़ा बदलाव! Zerodha लाया पहला ‘लाइफ साइकिल फंड’, सिर्फ ₹100 से निवेश की होगी शुरुआतग्रीन एनर्जी पर RIL का मेगा प्लान! जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स, कच्छ सोलर फार्म बनेंगे गेमचेंजर; बनेंगी 2 लाख नौकरियांApple यूजर्स को बड़ा झटका! महंगे हो सकते हैं iPhone, जानें वजह₹1 लाख करोड़ का बिजनेस, JIO IPO, Ajio और JioMart का विस्तार: ईशा अंबानी ने बताया RCPL का फ्यूचर प्लानITR filing: फॉर्म 16 से गायब रह सकती हैं ये 10 तरह की कमाई, ITR फाइल करते समय भूलना पड़ सकता है भारीRIL AGM 2026: जामनगर बनेगा दुनिया की पहली ऑटोनॉमस रिफाइनरी, पश्चिम एशिया संकट में 4 गुना बढ़ाई LPG सप्लाईReliance AGM में बोलीं ईशा अंबानी: रिलायंस रिटेल ने FY26 में रचा इतिहास, जियोमार्ट बना सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क

ऋणदाताओं को बाध्यकारी पेशकश करेगा एनएआरसीएल

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 8:42 PM IST

राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी – देश का बैड बैंक मार्च के अंत से पहले बड़़े आकर वाली दबावग्रस्त परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए 14 मामलों में ऋणदाताओं को बाध्यकारी पेशकश करेगा।
बैंकरों ने कहा कि केवल चार या पांच मामलों में ही वर्ष 2021-22 (वित्त वर्ष 22) के अंत से पहले स्थानांतरण हो सकता है। उन्होंने कहा ‘क्या हमारे पास उनके कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त समय होगा, यह कुछ ऐसी बात है, जिस पर हमें विचार करना होगा।
ऋणदाता कोशिश कर रहे हैं कि क्या कुछ खातों को स्थानांतरित किया जा सकता है। चीजें अप्रैल के बाद से रफ्तार पकड़ेंगी।’
हालांकि एनएआरसीएल द्वारा गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव दिए गए हैं, लेकिन वित्तीय और कानूनी कावयद चल रही है। इसके बाद बाध्यकारी पेशकश की जाएंगी।
एनएआरसीएल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है और स्विस चैलेंज पद्धति का इस्तेमाल करते हुए इन परिसंपत्तियों के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह बोली लगाने का एक तरीका होता है, जिसे आम तौर पर सार्वजनिक परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जाता है।
इसमें कोई इच्छुक पक्ष किसी परियोजना के लिए बोली या किसी अनुबंध के लिए प्रस्ताव पेश करता है। इसके बाद सरकार परियोजना का विवरण सार्वजनिक करती है और इसके कार्यान्वयन में रुचि रखने वाले अन्य लोगों से प्रस्ताव आमंत्रित करती है।  
ये बोलियों प्राप्त होने पर मूल अनुबंधकर्ता को सर्वोत्तम बोली का मिलान करने का मौका मिलता है। चल रहे दिवाला मामलों के लिए लागू इस स्विस चैलेंज पद्धति में किसी संकटग्रस्त कंपनी या उसकी परिसंपत्तियों के लिए बोली के दो दौर हो सकते हैं।

Advertisement
First Published - March 17, 2022 | 11:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement