facebookmetapixel
रणनीतिक खनिज सुरक्षा पर सरकार का बड़ा दांव, महत्त्वपूर्ण खनिजों के लिए आई पहली टेलिंग पॉलिसीराज्य बॉन्ड को मिले सहारे की मांग, सरकारी बैंकों का OMO में SDL शामिल करने को RBI से आग्रहEditorial: करीब ढाई साल की सुस्ती के बाद भारतीय आईटी उद्योग में सुधार के शुरुआती संकेतभारत की रफ्तार पर IMF का भरोसा, 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 6.4%PNB Q3 Results: बैंक ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, लाभ 13.1% के उछाल के साथ ₹5,000 करोड़ के पारबजट 2026 को भारत के R&D इकोसिस्टम की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत करने पर फोकस करना चाहिए2025 में ध्वस्त हुईं भविष्यवाणियां: अर्थशास्त्री, रणनीतिकार और विदेश नीति के ‘एक्सपर्ट्स’ कैसे चूक गए? ऑफर लेटर के बाद भी नौकरी नहीं! विप्रो में 250 ग्रेजुएट्स की भर्ती लटकी, नाइट्स का गंभीर आरोपकमजोर ग्रोथ गाइडेंस से Wipro के शेयर 8% लुढ़के, ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट प्राइसटाइगर ग्लोबल पर अदालती फैसले से ​विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर दबाव के आसार नहीं

पीसीआई समर्थित भुगतान गेटवे हुए सतर्क, क्रिप्टो एक्सचेंज से की दूरी

Last Updated- December 11, 2022 | 7:11 PM IST

क्रिप्टो एक्सचेंजों की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के साथ नाकामयाबी के बाद, जिसमें उन्हें भुगतान प्लेटफॉर्म के जरिये रुपया जमा करने को अक्षम करना पड़ा था, भारतीय भुगतान परिषद (पीसीआई) के तहत भुगतान एग्रीगेटरों ने भी क्रिप्टो के विनिमय और लेनदेन को शक्ति नहीं दिए जाने के संबंध में सतर्कता बरतने का फैसला किया है। ऐसी परिसंपत्तियों के संबंध में केंद्रीय बैंक द्वारा गंभीर संशय जताये जाने के बाद ऐसा किया जा रहा है।
पीसीआई के चेयरमैन विश्वास पटेल ने कहा कि पेमेंट गेटवे क्रिप्टो एक्सचेंजों को सशक्त करने से बच रहे हैं। एक या दो छोटे भुगतान गेटवे के अलावा ये भुगतान गेटवे लंबे समय से क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ काम नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह उनकी ओर से सतर्कता का फैसला है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास क्रिप्टोकरेंसी और एक्सचेंजों से संबंधित मसले हैं।
इस बात को ध्यान में रखते हुए, बैंक और अन्य भागीदार भी क्रिप्टो व्यापारियों को अनुमति नहीं दे रहे हैं। पटेल ने कहा कि किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज के पास क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से अपना लेनदेन संचालित करने के लिए भुगतान गेटवे नहीं है। वे अपने लेनदेन के लिए आईएमपीएस और एनईएफटी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भुगतान एग्रीगेटर, नेटवर्क और बैंक आरबीआई द्वारा स्वीकृत और विनियमित किए जाते हैं तथा आरबीआई क्रिप्टो के खिलाफ है। इसलिए हम क्रिप्टो एक्सचेंजों से दूरी बना रहे हैं।
अमेरिका के सबसे बड़े क्र्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस ने कहा था कि उसने यूपीआई के साथ करार किया है। इसके बाद हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने एक स्पष्टीकरण जारी किया था कि वह यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज से अवगत नहीं है।
इस स्पष्टीकरण के बाद कुछ क्रिप्टो एक्सचेंज, जो यूपीआई का उपयोग करके रुपये जमा करने का विकल्प दे रहे थे, ने इसे अक्षम कर दिया। एक खबर के अनुसार एनपीसीआई के स्पष्टीकरण के बाद एनपीसीआई के शेयरधारक कुछ बैंकों ने भुगतान निकाय को क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने के लिए यूपीआई के इस्तेमाल पर औपचारिक निर्देश देने के लिए कहा है। अब तक इस भुगतान निकाय ने, जारी किए गए अपने इस स्पष्टीकरण के अलावा इस तरह के लेनदेन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल रोकने वाला काई औपचारिक परिपत्र जारी नहीं किया है। एनपीसीआई को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।
पटेल ने कहा कि ये एक्सचेंज व्यापार आईडी के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते हैं और भुगतान सेवाओं का उपयोग करते हैं। जब इसे बंद कर दिया जाता है, तो वे अन्य व्यापार आईडी के साथ आ जाते हैं। हालांकि सरकार ने क्रिप्टो लेनदेन पर कर लगाने का फैसला किया है, लेकिन वह अब भी क्रिप्टोकरेंसी की वैधता के संबंध में कोई कानून नहीं लाई है।
फरवरी की मौद्रिक नीतिगत बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने चेतावनी दी थी कि निजी क्रिप्टोकरेंसी देश की व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।

First Published - May 8, 2022 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट