facebookmetapixel
त्योहारी मांग और नीतिगत समर्थन से ऑटो सेक्टर रिकॉर्ड पर, यात्री वाहन बिक्री ने बनाया नया इतिहासTata Motors मजबूत मांग के बीच क्षमता विस्तार पर दे रही जोर, सिएरा और पंच फेसलिफ्ट से ग्रोथ को रफ्तार!अधिग्रहण से अगले वर्ष रेवेन्यू 1.5 फीसदी बढ़ेगा, 5G और एआई पर दांव: एचसीएलटेकक्विक कॉमर्स में अब नहीं होगी ‘10 मिनट में डिलिवरी’! गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सरकार सख्तईरान से व्यापार करने वाले देशों पर ट्रंप का 25% टैरिफ, भारत के बासमती चावल और चाय निर्यात पर मंडराया खतराबजट से पहले क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सख्त नियमों की तैयारी, सेबी को मिल सकती है बड़ी नियामकीय भूमिका!Editorial: जर्मन चांसलर मैर्त्स की भारत यात्रा से भारत-ईयू एफटीए को मिली नई रफ्तारवीबी-जी राम जी का बड़ा बदलाव: ग्रामीण बीमा से मैनेज्ड इन्वेस्टमेंट की ओर कदमग्लोबल AI सिस्टम की नई पटकथा लिखी जा रही है, भारत के समक्ष इतिहास रचने का मौकाबाजारों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को ध्यान में नहीं रखा, घरेलू मांग बनेगी सुरक्षा कवच

जनवरी-मार्च 21 में डिजिटल भुगतान 76 प्रतिशत बढ़ा

Last Updated- December 12, 2022 | 6:00 AM IST

सभी क्षेत्रों के करीब सभी छोटे कारोबार 2020 में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। वहीं ई-कॉमर्स और ऑनलाइन भुगतान ने छोटे कारोबारों को चलाने में अहम भूमिका निभाई है। फिनटेक फर्म रेजरपे की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-मार्च 2020 की तुलना में जनवरी-मार्च 2021 में डिजिटल भुगतान में डिजिटल लेनदेन 76 प्रतिशत बढ़ा है।
 
रेजरपे के एसएमई कारोबार के प्रमुख वेदनारायण वैद्यनाथम के मुताबिक, ‘पिछले 12 महीने कैप्सूल में रहने जैसा रहा है।’  उन्होंने कहा, ‘भारत के डिजिटल भुगतान का माहौल बना है। अगर महामारी नहीं होती तो डिजिटल भुगतान में इतनी वृद्धि में 3 से 5 साल लग सकते थे।’
रिपोर्ट में कहा गया है कि छोटे और मझोले शहरों और कस्बों की कुल ट्रांजैक्शन में हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही है। पर्यटन खुलने के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर 10 डिजिटल इनक्लूसिव राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंच गया, जहां जनवरी-मार्च 2021 में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका स्थान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से ऊपर हो गया है।
वैद्यनाथम ने कहा, ‘पहली बार डिजिटल सेवा का इस्तेमाल करने वाले और इसके पहले परंपरागत गली मोहल्लों में दुकान चलाने वाले लोग आगे आए और उन्होंने डिजिटल भुगतान अपनाया है।’ उन्होंने कहा, ‘इस डिजिटल स्वीकार्यता में से 50 प्रतिशत से ज्यादा मझोले और छोटे शहरों से आ रही है, जिससे संकेत मिलता है कि यह सिर्फ शहरी स्वीकार्यता से जुड़ा मसला नहीं है।’

First Published - April 12, 2021 | 11:35 PM IST

संबंधित पोस्ट