facebookmetapixel
Advertisement
लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलानIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली के लग्जरी होटलों में रेट्स आसमान पर, स्वीट्स 30 लाख रुपये तकफार्मा दिग्गजों की हुंकार: चीन से मुकाबले के लिए भारतीय दवा नियमों में बड़े सुधार की जरूरतपीएम इंटर्नशिप योजना में बदलाव की तैयारी; इंटर्नशिप अवधि और आयु सीमा में कटौती संभवमारुति सुजुकी की रफ्तार: 2025 में रेल से 5.85 लाख वाहनों की रिकॉर्ड ढुलाई, 18% का शानदार उछालFY26 की पहली छमाही में कंपनियों का कैपेक्स 6 साल के हाई पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई तेजीजगुआर लैंड रोवर के वैश्विक नक्शे पर तमिलनाडु: रानीपेट में ₹9,000 करोड़ के TATA-JLR प्लांट का उद्घाटन

भारत बनेगा डॉयचे बैंक का नया ब्रेन सेंटर, टेक व लीडरशिप की दिशा में बड़ा कदम

Advertisement

डॉयचे इंडिया के सीईओ शेफर ने भारत में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बारे में कहा कि भारत विकास के केंद्र के रूप में कार्य करता है।

Last Updated- December 01, 2025 | 8:53 AM IST
Stefan Schaffer, CEO, Deutsche India
स्टीफन शेफर, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, डॉयचे बैंक।

डॉयचे बैंक अपने वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) का पुनर्गठन व बदलाव कर रणनीतिक केंद्र बना रहा है। इससे बैंक के मुख्य कार्यों के साथ नवाचार व नेतृत्व अधिक समन्वय हो सकेगा। इस दिशा में पहला महत्त्वपूर्ण कदम स्टीफन शेफर को डॉयचे इंडिया का मुख्य कार्याधिकारी नियुक्त करना है। डॉयचे बैंक समूह का वैश्विक क्षमता केंद्र डॉयचे इंडिया है।

शेफर कॉरपोरेट परिचालन व वैश्विक तकनीक केंद्रों के सीआईओ हैं, डॉयचे बैंक ने इन केंद्रों को भारत में स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने जिम्मेदारी संभालने के बाद बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘बैंक का दृष्टिकोण स्पष्ट है – इन केंद्रों को लागत-केंद्रित सेवा केंद्र बनाना है। इन केंद्रों को नवाचार और नेतृत्व प्रदान करने वाले रणनीतिक स्थानों में बदलना जारी रखना है। मेरे अनुभव ने मुझे इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए अच्छी तरह से तैयार किया है।’

जर्मनी स्थित बैंक के विश्व स्तर पर चार टेक सेंटर हैं, भारत (पुणे और बेंगलुरु), बुखारेस्ट (ईयू केंद्र), कैरी (अमेरिका) और बर्लिन (रूस के संचालन को बंद करने के बाद गठित)। भारतीय टेक केंद्रों में 8,500 से अधिक कर्मचारी हैं।

भर्तियों पर बैंक सीईओ ने क्या कहा? 

शेफर ने भारत में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बारे में कहा कि भारत विकास के केंद्र के रूप में कार्य करता है। भारत में जबरदस्त ढंग से भर्ती का दौर समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, ‘हम भर्तियां पहले ही कर चुके हैं। हम ऐसे बदलाव करना चाहते हैं कि जो हमारे सभी केंद्रों में कर्मचारियों को सशक्त बनाए।’

उन्होंने इंगित किया कि हरेक जीसीसी सेवा केंद्र है जहां एक तय ढंग से किए जाने वाले काम किए जाते हैं। उन्होंने बताया, ‘ यह निरंतर चलने वाला नहीं है। अगर हम इसे नहीं बदलते हैं तो केंद्र का मूल्य कम हो जाता है। भारत में ऐसा केंद्र होना संपत्ति है, खासकर जिस तरह से टेक्नॉलजी आगे बढ़ रही है। आपके पास युवा पीढ़ी तक पहुंच है, जब आप उन्हें जोड़ते हैं तो यह बड़ी संपत्ति है। अगर हम इस प्रतिभा आधार का दोहन करने में सक्षम नहीं हैं तो हम विश्व स्तरीय नहीं हो सकते हैं।’

शेफर बताते हैं, ‘हमारा ध्यान संरचनात्मक बदलाव पर है – नेतृत्वकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाएं और अधिक स्थानीय नेतृत्व की ओर उत्तराधिकार योजना को गति दें। हम विभागीय नेतृत्व के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं ताकि भूमिकाओं को भारत में स्थानांतरित किया जा सके। हम भारत में यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वैश्विक जिम्मेदारियों के अनुरूप करियर पथ हो।’

Advertisement
First Published - December 1, 2025 | 8:53 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement