facebookmetapixel
Advertisement
यूपी में 6,566 करोड़ का निवेश करेंगी तीन वैश्विक पैकेजिंग कंपनियां, मेरठ-उन्नाव में लगेंगी यूनिट‘दुनिया में रुकावटें तो भारत बना रहा आर्थिक पुल’, ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले PM मोदी: व्यापार बाधाएं खत्म करें देश‘AI दोधारी तलवार, सुरक्षा उपायों के बिना बेकाबू होने का खतरा’, निर्मला सीतारमण ने जताई चिंता‘टैरिफ व संरक्षणवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा’, ब्रिक्स देशों ने कहा: ये WTO नियमों के खिलाफनई दिल्ली में ब्रिक्स-भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी, 37 स्वदेशी डीप-टेक स्टार्टअप कर रहे निवेशकों से पर चर्चा‘स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें व भुगतान व्यवस्थाओं को आपस में जोड़ें’, ब्रिक्स देशों से पीयूष गोयल की अपीलकिसी गुट से न जुड़े होने के बावजूद CM सतीशन के सामने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति सबसे बड़ी चुनौतीEditorial: भारत में सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को मंजूरी, स्टारलिंक और जियो समेत कंपनियों की राह आसाननेट-जीरो का लक्ष्य तो तय, लेकिन नक्शा गायब; स्टील-सीमेंट जैसे क्षेत्रों में उत्सर्जन घटाने की योजना अब भी अधूरीगणेशोत्सव में सोने-चांदी की धूम, बप्पा के श्रृंगार के लिए मुंबई में बिकेगा 200 टन सोना, ₹4000 करोड़ का कारोबार

विनियमन बिना क्रिप्टो ‘समुद्री लुटेरों की दुनिया’

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 6:23 PM IST

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को कहा कि एक केंद्रीकृत नियामक प्राधिकरण के अभाव में क्रिप्टो करेंसी ‘कैरिबियाई समुद्री लुटेरों की दुनिया’ जैसी है। साथ ही उन्होंने कहा कि क्रिप्टो को ‘फिएट करेंसी’ बनने की परीक्षा पास करनी अभी बाकी है। फिएट करेंसी सरकार द्वारा समर्थित मुद्रा है और यह किसी कीमती धातु की जगह सरकार में भरोसे पर टिकी होती है।
उन्होंने कहा कि फिएट करेंसी के विपरीत, क्रिप्टो मुद्राएं निहित मूल्य, व्यापक स्वीकार्यता और मौद्रिक इकाई जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकती हैं। नागेश्वरन ने विकेंद्रीकृत वित्त (डीएफआई) का जिक्र करते हुए कहा, ‘हालांकि, इसे नवाचार माना जाता है, लेकिन मैं अपना निर्णय सुरक्षित रखूंगा कि क्या यह वास्तव में नवाचार है या यह कुछ ऐसा है, जिसका हमें पछतावा होगा।’
उन्होंने एसोचैम के एक कार्यक्रम में कहा कि वह रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर से सहमत हैं, जो कह रहे हैं कि क्रिप्टो करेंसी और विकेंद्रीकृत वित्त के संबंध में यह वास्तविक वित्तीय नवाचार के बजाय नियामकीय मध्यस्थता का मामला अधिक लग रहा है।
उन्होंने कहा, ‘फिएट मुद्राओं के विकल्प के रूप में क्रिप्टो करेंसी को कई उद्देश्यों को पूरा करना होगा। इसमें निहित मूल्य होना चाहिए। इसकी व्यापक स्वीकार्यता होनी चाहिए और यह एक मौद्रिक इकाई होनी चाहिए। इस लिहाज से क्रिप्टो या डीएफआई जैसे नए नवाचार को अभी परीक्षा पास करनी बाकी है।’
सरकार क्रिप्टो करेंसी के संबंध में एक परामर्श पत्र पर काम कर रही है और विश्व बैंक तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) सहित विभिन्न हितधारकों से सुझाव ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है कि पिछले चार वर्षों की वृद्धि, मुद्रास्फीति तथा रुपये की स्थिरता के रूप में मिला लाभ कम न हो।
नागेश्वरन ने अर्थव्यवस्था के बारे में कहा कि सरकार चार चीजों – राजकोषीय घाटा, आर्थिक वृद्धि, गरीब और कम आय वाले परिवारों के लिए आजीविका की लागत को कम रखना और रुपये को बहुत अधिक कमजोर होने से रोकना, के बीच संतुलन बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।    

Advertisement
First Published - June 10, 2022 | 12:24 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement