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वित्त कंपनियों का घटेगा अनुपालन बोझ

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:12 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्त कंपनियों के लिए पुनरीक्षित एनपीए मानक को लागू करने की तिथि 6 महीने टालने के फैसले से वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में अतिरिक्त प्रावधान करने का अनुपालन बोझ कम होगा।
क्रिसिल रेटिंग में सीनियर डायरेक्टर और डिप्टी चीफ रेटिंग ऑफिसर कृष्णन सीतारमण ने कहा कि मानक लागू करने की तिथि टालने के रिजर्व बैंक का कदम एनबीएफसी के लिए बड़ी राहत है, खासकर उनके लिए जो एमएसएमई को व असुरक्षित कर्ज देती हैं। यह मानक पिछले 12 नवंबर को अधिसूचित किया गया था।  
श्रीराम सिटी के एमडी और सीईओ वाईएस चक्रवर्ती ने कहा कि अगर पुनरीक्षित संपत्ति वर्गीकरण व प्रॉविजनिंग मानकों को 12 नवंबर, 2021 को जारी रिजर्व बैंक की अधिसूचना के साथ लाया गया होता तो यह और मददगार साबित होता।

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First Published - February 17, 2022 | 11:12 PM IST

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