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चीन के प्रतिबंध के बाद बिटकॉइन टूटा, 40 हजार डॉलर से नीचे आया

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:38 AM IST

बुधवार को बिटकॉइन गिरकर 40,000 डॉलर के निशान से नीचे आ गई, जो उसका करीब साढ़े तीन महीने का निचला स्तर है। वित्त और भुगतान संस्थाओं को क्रिप्टोकरेंसी सेवाएं प्रदान करने पर चीन द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद इस डिजिटल मुद्रा में बिकवाली दबाव बढ़ गया। टेस्ला के बॉस एलन मस्क के कई ट्वीट के बाद सबसे बड़ी और चर्चित क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पर दबाव पहले ही पैदा हो गया था, लेकिन चीन से प्रतिबंध की खबरों ने इसे 36,250 डॉलर के निचले स्तर पर पहुंचा दिया। एक कारोबारी सत्र में इसमें 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्रिप्टोकरेंसी अपने 14 अप्रैल के 64,895 डॉलर के ऊंचे स्तरों से करीब 40 प्रतिशत कमजोर हुई है। यह नवंबर 2018 से अपनी पहली बड़ी मासिक गिरावट के नजदीक भी है। बिटकॉइन की गिरावट ने अन्य क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर भी दबाव पैदा किया है। एथेरियम ब्लॉकचेन नेटवर्क से जुड़ी मुद्रा एथर भी बुधवार को 28 प्रतिशत गिरकर 2,426 डॉलर पर रह गई। इसमें 12 मई की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद से सप्ताह में करीब 40 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई।
मार्केट ट्रैकर कोइनजेको के अनुसार डॉजेकॉइन में भी करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्रिप्टो एक्सचेंज कोइनबेस में शेयर बाजार-पूर्व कारोबार में 5 प्रतिशत गिर गए। कोइनबेस की शेयर कीमत अप्रैल में उसकी सूचीबद्घता के दिन के ऊंचे स्तरों से घटकर लगभग आधी रह गई है।
टेस्ला द्वारा बिटकॉइन को भुगतान के रूप में स्वीकारने के मुद्दे पर मस्क के बदले रुख से क्रिप्टोकरेंसी में पिछले सप्ताह गिरावट आई थी। उनके बाद के ट्वीट से भी इसे लेकर अनिश्चितता पैदा हुई कि क्या इस कार निर्माता ने कोइन की अपनी होल्डिंग घटाई है। वहीं वित्तीय संस्थानों और भुगतान कंपनियों को क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से संबंधित सेवाएं प्रदान करने पर प्रतिबंध ने इस मुद्रा में बिकवाली दबाव और बढ़ा दिया।  
चीन ने क्रिप्टो कारोबार में सट्टेबाजी को लेकर भी निवेशकों को चेताया है। क्रिप्टो हेज फंड एआरके36 के कार्यकारी निदेशक उलरिक लाइके ने कहा, ‘क्रिप्टो बाजार मौजूदा समय में ऐसी खबरों से जूझ रहा है जिनसे कीमत के मामले में मंदी की स्थिति को बढ़ावा मिला है।’ उन्होंने कहा, ‘इस तरह की खबरों से बड़ा उलटफेर पैदा हो सकता है और आसानी से बाजार धारणा प्रभावित हो सकती है, लेकिन ये बदलाव दीर्घावधि में कुछ हद तक महत्वपूर्ण भी साबित होते हैं।’
कुछ क्रिप्टो विश्लेषकों ने हालांकि भविष्य में और अधिक गिरावट का अनुमान जताया है। उनका मानना है कि बिटकॉइन के 40,000 डॉलर से नीचे पहुंचने से ऐसा प्रमुख तकनीकी अवरोध टूटा है जिससे और ज्यादा बिकवाली को बढ़ावा मिल सकता है।
जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक सोने के बढ़ते आकर्षण को देखते हुए भी बिटकॉइन से बाहर निकल सकते हैं। विश्लेषकों ने सीएमई बिटकॉइन वायदा अनुबंधों में ओपन इंटरेस्ट के आधार पर तैयार आंकड़े का हवाला देते हुए यह अनुमान जताया है। उन्होंने निवेशकों को दी जानकारी में कहा कि इससे पिछले साल अक्टूबर के बाद से बिटकॉइन वायदा में मजबूत और निरंतर परिसमापन का पता चलता है। बिटकॉइन और अन्य डिजिटल मुद्राओं में ताजा बिकवाली से सभी क्रिप्टोकरेंसी का बाजार पूंजीकरण घटकर 1.7 लाख करोड़ डॉलर रह गया है जो इस महीने के शुरू में 2.5 लाख करोड़ डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था।
उनका कहना है कि संस्थागत निवेशक क्रिप्टोकरेंसी से दूर होने और फिर से पारंपरिक निवेश विकल्प सोने पर ध्यान दे रहे हैं, जो पिछली दो तिमाहियों का बदलता रुझान है।
निवेशक अमेरिका में उपभोक्ता मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित तेजी को लेकर भी सतर्क बने हुए हैं। मुद्रास्फीति में और ज्यादा तेजी से वे परिसंपत्तियां अधिक प्रभावित हो सकती हैं जिनकी कीमतें मौद्रिक नरमी की वजह से मजबूत हुईं, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी भी शामिल हैं।

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First Published - May 19, 2021 | 11:16 PM IST

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