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बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ाना शुरू किया

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:16 PM IST

रीपो दर में 40 आधार अंक की बढ़ोतरी के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के बुधवार के फैसले के बाद आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों ने बाहरी बेंचमार्क से जुड़े ऋणों पर ब्याज दरों में इतनी ही बढ़ोतरी कर दी है।
आईसीआईसीआई बैंक ने आज अपनी बाहरी बेंचमार्क कर्ज दर 40 आधार अंक बढ़ाकर 8.10 फीसदी कर दी, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने अपनी रीपो आधारित ऋण दर बढ़ाकर 6.90 फीसदी कर दी। बीओबी ने आवास एवं कार ऋणों पर ब्याज में दी जा रही छूट वापस ले ली। खुदरा ऋण बढ़ाने के लिए ये छूट शुरू की गई थीं। आरबीएल बैंक की रीपो आधारित ऋण दर 4 मई यानी कल से ही 9.50 फीसदी हो गई है। संपत्ति गिरवी रखकर कर्ज देने वाली एचडीएफसी लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने पहले बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया था कि एचडीएफसी कुछ दिनों में ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला लेगी।
निजी क्षेत्र के ऋणदाता कोटक महिंद्रा बैंक ने खुदरा ग्राहकों के लिए सावधि जमाओं पर ब्याज दर 30 से 35 आधार अंक बढ़ा दी है। कुछ जमाओं पर दर में बढ़ोतरी 50 आधार अंक तक की गई है। 390 दिन की सावधि जमा पर नई दर 5.5 फीसदी होगी, जबकि पुरानी दर 5.20 फीसदी थी। वहीं 23 महीने की सावधि जमाओं पर नई दर 5.60 फीसदी है, जो पहले 5.25 फीसदी थी। यह बढ़ोतरी 6 मई 2022 से अमल में आ गई है।
एमपीसी ने महंगाई में बढ़ोतरी के जोखिम के कारण अचानक बैठक कर बेंचमार्क रीपो दर बढ़ाकर 4.40 फीसदी कर दी। इससे संकेत मिलता है कि दर का चक्र लट गया है और अत्यंत कम ब्याज दरों का दौर खत्म हो चुका है। यह अगस्त 2018 से पिछले 45 महीनों में पहली दर बढ़ोतरी है।
आरबीआई ने रीपो दर में बढ़ोतरी के बाद बैंकों के लिए नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) भी 50 आधार अंक बढ़ाकर शुद्ध मांग एवं समय देनदारी (एनडीटीएल) का 4.5 फीसदी कर दिया। यह 21 मई 2022 से शुरू होने वाले पखवाड़े से प्रभावी हो जाएगा। इससे बैंकिंग प्रणाली से 87,000 करोड़ रुपये की तरलता निकलने का अनुमान है। विश्लेषकों का कहना है कि बेंचमार्क रीपो दर में बढ़ोतरी बैंकों के लिए अच्छी साबित होगी क्योंकि उन्हें बाहरी बेंचमार्क पर आधारित ऋण पोर्टफोलियो पर ज्यादा प्रतिफल का लाभ मिलेगा।

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First Published - May 6, 2022 | 12:36 AM IST

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