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बैंकों के मुनाफे में 77 फीसदी उछाल आने की उम्मीद

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:55 PM IST

सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंकों का शुद्ध लाभ मार्च 2022 में समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर 77 फीसदी बढ़ सकता है, जिसमें क्रेडिट के उठाव व दबाव वाली परिसंपत्तियों के लिए कम प्रावधान बोझ का अहम योगदान रहेगा।
समीक्षा के दायरे वाले 17 बैंकों का संयुक्त रूप से कर पश्चात लाभ वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में बढ़कर 42,013 करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 21 की चौथी तिमाही में 23,747 करोड़ रुपये रहा था। ब्रोकिंग हाउस ब्लूमबर्ग के अनुमान में ये बातें कही गई है। इन बैंकों का शुद्ध राजस्व (शुद्ध ब्याज आय व अन्य आय) इस अवधि में सालाना आधार पर 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है।

ब्याज आय व फंडों की कम लागत
केयर ने कहा है कि ब्याज दर का परिदृश्य बदल रहा है और बाजार की नकदी कम हो रही है, लेकिन बैंक अपना शुद्ध ब्याज आय बढ़ाने में सक्षम रहे हैं। चौथी तिमाही में सालाना आधार पर शुद्ध ब्याज आय में बढ़त की रफ्तार को क्रेडिट में ठीक-ठाक बढ़ोतरी व वित्त वर्ष 21 की चौथी तिमाही के निचले आधार का सहारा मिलेगा।
वित्त वर्ष 21 की चौथी तिमाही में ब्याज आय में गिरावट का मुख्य कारण सर्वोच्च न्यायालय का आदेश था, जिसमें बैंकों से कहा गया था कि वह मोहलत वाले खातों में वह उस ब्याज को लौटाए या समायोजित करे, जो उनसे वसूले गए थे। केयर ने कहा, इससे बैंकों का राजस्व प्रभावित हुआ और ब्याज दरें घटीं।
निजी क्षेत्र के बैंकों की दरें सार्वजनिक बैंकों के मुकाबले ज्यादा बनी हुई हैं। बैंकों ने अपनी उधारी दरों के मुकाबले लेंंडिंग की दरें सुस्त रफ्तार से घटाईं, लिहाजा अपना स्प्रेड बनाए रखा। आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि 2021-22 के दौरान क्रेडिट के उठाव ने जोर पकड़ा क्योंंकि महामारी के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल होती नजर आई। गैर-खाद्य क्रेडिट 25 मार्च को सालाना आधार पर बढ़कर 9.7 फीसदी पर पहुंच गया।

अन्य आय, शुल्क में बढ़ोतरी
ऐक्सिस सिक्योरिटीज ने कहा है कि बैंकों की मुख्य शुल्क आय सुधरने की उम्मीद है क्योंंकि कारोबारी गतिविधियों ने जोर पकड़ा है और यह सामान्य स्थिति के आसपास आ गई है। कम ट्रेजरी आय हालांकि गैर-ब्याज आय पर असर डाल सकती है।
प्रतिफल में सख्ती के कारण बॉन्ड ट्रेडिंग से मिलने वाला फायदा कम होगा। 10 वर्षीय बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल मार्च 2022 के आखिर में 6.84 फीसदी रहा, जो वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही में 6.45 फीसदी था।

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First Published - April 13, 2022 | 11:36 PM IST

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