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कर्जमाफी से बैंकों पर 2,000 करोड़ रुपये का बोझ

Last Updated- December 06, 2022 | 9:40 PM IST

सरकार द्वारा किसानों के कर्जमाफ कर दिए जाने के बाद अब किसानों को बैंको से लिए गए कर्ज पर पेनल इंटरेस्ट, कानूनी, और निरीक्षण फीस नहीं देनी पड़ेगी।


इस सिलसिले में बैंकों द्वारा किसानों को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की माफी मिलनी तय लग रही है। गौरतलब है कि बैंको ने बकाया राशि के आंकड़े वित्त मंत्रालय को सौंपे जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने बैंको को निर्देश दिया है कि वह पेनल इंटरेस्ट ,कानूनी, निरीक्षण और अन्य मामलों से जुड़े शुल्कों को शामिल न करें। सामान्य तौर पर बैंक कर्ज न चुका पाने वालों पर इस तरह के शुल्क लगा देता है।


वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बैंक इस तरह के शुल्कों को माफ कर देंगे। कर्ज माफ क रने के बाद सरकार बैंकों और सहकारी समितियों से अपेक्षा रखती है कि कर्जमाफी के बाद पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कुछ हद तक वे भी झेलें। सरकार बैंको को पर्याप्त मदद दे रही है। सरकार के इस कदम से बैंक फिर से अपनी पूंजी को एकत्र कर नए कर्ज देने की स्थिति में आ सकेंगे।


सार्वजनिक क्षेत्र के  बैंक के  एक अधिकारी ने कहा कि पैनल इंटरेस्ट और कानूनी, निरीक्षण फीस से जो भी राशि जमा हो पाती वह बैंकों के प्रॉफिट एकाउंट में जाता लेकिन इनके माफ होने की स्थिति में प्रॉफिट में उसी स्तर तक कमी आएगी। अधिकारी ने बताया कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की रिकवरी हो जाने से बैंको को अच्छा लाभ मिल रहा है।


सार्वजनिक क्षेत्र के  बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम सरकार से अनअप्लाइड और पेनल इंटरेस्ट के मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश के मिलने का इंतजार कर रहें हैं। कर्जमाफी की योजना को, जो 30 जून तक लागू की जानी है, बैंकों को जल्द ही भेजे जाने की उम्मीद है।


इस योजना में ऐसे किसान, खेतों के मालिक और बटाईदार शामिल हैं जो एक हेक्टेयर या एक से दो हेक्टेयर भूमि पर खेती कर रहें हैं। इस सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता को ध्यान में नहीं रखा गया है। यह योजना कंपनियों, पंजीकृत सोसाइटी, ट्रस्ट और पार्टनरशिप को मिले कृषि ऋण अग्रिम पर लागू नहीं होती है।


कर्जमाफी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें


वित्त मंत्रालय ने बैंकों को किसान को मिली कर्जमाफी पर पेनल इंटरेस्ट, लीगल और निरीक्षण फीस को शामिल न करने का दिया निर्देश
सरकार चाहती है कि बैंक और सहकारी समितियां कुछ हद तक सहन करें कर्जमाफी का बोझ
एक हेक्टेयर या एक से दो हेक्टेयर पर खेती करने वाले किसानों, भूमि मालिकों या बटाईदारों को ही मिलेगा कर्जमाफी का लाभ
यह योजना कंपनियों, पंजीकृत सोसाइटीज,ट्रस्ट और पार्टनरशिप को  मिले एग्रीकल्चर लोन एडवांस पर लागू नहीं होती

First Published - May 5, 2008 | 10:10 PM IST

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