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Lok Sabha election 2024 Phase 5: मुंबई में आज पड़ रहे वोट, मुंबईकर की प्राथमिकता बुनियादी ढांचा

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Lok Sabha election 2024 Phase 5: मतदाताओं को अपने काम और वादों से लुभाने की कोशिश कर रहे सभी दलों के उम्मीदवार

Last Updated- May 20, 2024 | 8:08 AM IST
Travel will be expensive for Mumbaikars, there is a possibility of increase in auto-taxi and bus fares by so much rupees! मुंबईकरों के लिए सफर होगा महंगा, ऑटो-टैक्सी और बसों के किराए में इतने रुपये की बढ़ोतरी की आशंका!

Lok Sabha election 2024 Phase 5: दस साल पहले 2014 में महाराष्ट्र में तत्कालीन सरकार को मुंबई की पहली मेट्रो लाइन का उद्घाटन बहुत जल्दबाजी में करना पड़ा था, क्योंकि विपक्षी दल से ताल्लुक रखने वाले एक पूर्व सांसद ने ऐलान कर दिया था कि यदि सरकार मेट्रो के उद्घाटन में और देर करेगी तो वह अपनी व्यक्तिगत क्षमता से इसे हरी झंडी दिखा देंगे। मुंबई में जब सोमवार को वोट डाले जाएंगे तो बुनियादी ढांचे के विकास का वैसा ही मुद्दा एक दशक बाद भी हावी रहेगा।

यहां ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में शुक्रवार को आयोजित रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया का सबसे आधुनिक बुनियादी ढांचा मुंबई शहर में विकसित हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘मोदी मुंबई को उसका हक दे रहा है।’ इस माह मोदी की यह दूसरी मुंबई यात्रा थी। पिछली बार जब मोदी इस शहर में आए थे तो लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। यातायात जाम और मार्ग परिवर्तन से वे परेशान हो गए थे।

उत्तरी-मध्य मुंबई के सांताक्रूज में रहने वाले उबर चालक ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को व्यस्त इलाके घाटकोपर में रैली नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय उन्हें बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) में अपना कार्यक्रम रखना चाहिए, क्योंकि यहां एक बड़ा मैदान है।’ उत्तरी-मध्य मुंबई में सोमवार को वोट पड़ेंगे। यहां से प्रसिद्ध पूर्व सरकारी वकील उज्ज्वल निकम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

निकम के साथ-साथ पूर्व रेलमंत्री और मौजूदा समय में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य उम्मीदवार मुंबई के लोगों को अपने पक्ष में मतदान के लिए तमाम वादे कर रहे हैं। मुंबई मेट्रोपॉलिटिन रीजन (एमएमआर) और आसपास के अधिकांश इलाकों में सोमवार को ही वोट डाले जाएंगे।

इससे पहले पीएम मोदी जनवरी में बहुप्रतीक्षित मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक का उद्घाटन करने के लिए शहर में आए थे। यह परियोजना 1970 से अटकी पड़ी थी और इसके उद्घाटन से बड़ी संख्या में शहरवासियों को सहूलियत हो गई। अगले महीने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधूरे बने मुंबई तटीय सड़क को मंजूरी दे दी, जो इस समय शहर के दक्षिणी हिस्से के साथ-साथ समुद्र तटों की ओर आने वाले वाहनों के लिए खुल गया है। मतदाता इन सब कार्यों को ध्यान से देख रहे हैं और इनका महत्त्व समझ रहे हैं।

बीते शुक्रवार को पीएम मोदी की रैली में आए 50 वर्षीय टैक्सी चालक ने कहा, ‘जब में तटीय सड़क से गुजरता हूं तो अपनी टैक्सी से ज्यादा यात्रियों को ले जा सकता हूं। क्योंकि इससे समय की बहुत बचत होने लगी है।’

मुंबईकर इस बात से सहमत होते नजर आते हैं कि शहर में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू हुई हैं, लेकिन राजनेताओं में इन्हें धरातल पर लाने का श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है। राजनीतिक विश्लेषक अभय देशपांडे कहते हैं, ‘अन्य चुनावों के उलट इस बार का चुनाव नीतियों पर कम और मोदी के लिए जनमत संग्रह के तौर पर अधिक लड़ा जा रहा है। बुनियादी ढांचा एक पहलू हो सकता है, शहरवासी जिसे ध्यान में रखकर वोट करेंगे, हालांकि शिवसेना का टूटना और अल्पसंख्यों के मुद्दे इस पर हावी रहेंगे।

‘देशपांडे कहते हैं, ‘जहां बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखकर वोट डालने के बारे में मतदाता सोचेंगे, तो वहां यह सवाल भी खड़ा होगा कि इसका श्रेय किसे दिया जाए? क्योंकि तटीय सड़क जैसी बड़ी परियोजनाएं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में शुरू की गई थीं और इनका काम पूरा हुआ है मौजूदा सरकार में।’

जब पूछा गया कि निकम क्या वादा कर रहे हैं तो सांताक्रूज के रहने वाले टैक्सी चालक ने कहा, ‘वह कमल का वादा कर रहे हैं, जो कि भाजपा का चुनाव चिह्न है।’
शहर के एक बड़े उद्योगपति के मुंबई स्थित मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारी भी सोमवार को होने वाले चुनाव में वोट देंगे।

वह कहते हैं, ‘आज का मतदाता बहुत समझदार है। लोग जानते हैं कि बड़ी परियोजनाएं लंबे समय में पूरी होती हैं। वोट तो यह ध्यान में रखकर डालना चाहिए कि भविष्य में कौन बेहतर काम करेगा।’ उन्होंने कहा, ‘वोट डालते समय सड़कें, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं हर मुंबईकर के दिमाग में होनी चाहिए।’

ऐसे तर्कों से हर कोई सहमत नहीं होता दिखता, विशेषकर शहर के एक सदी से अधिक पुराने रेल नेटवर्क से सफर करने वाले लोग तो बिल्कुल नहीं। शहर के 25 वर्षीय मार्केटिंग पेशेवर ने कहा, ‘लोकल ट्रेनें और प्लेटफॉर्म भीड़ से भरे रहते हैं। लोग इन ट्रेनों के दरवाजों पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह सफर करते हैं। इस समस्या की ओर किसी का ध्यान नहीं। अब तक इस समस्या से निजात मिल जानी चाहिए थी।’

मुंबई का उपनगरीय रेलवे नेटवर्क भारतीय रेलवे के अंतर्गत आता है। केंद्र सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए। इस चुनाव में भाजपा को समर्थन का ऐलान करने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने भी रेलवे नेटवर्क की हालत को सुधारने के लिए केंद्र सरकार से मांग की थी। मुंबई में सोमवार को होने वाले चुनाव में एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी भी वोट डालेंगे।

वर्ष 2014 में मेट्रो लाइन-1 का उद्घाटन करने की धमकी देने वाले सांसद 2024 के चुनाव में मैदान में नहीं हैं। लेकिन, मुंबईकर सोमवार को जब वोट डालेंगे तो बुनियादी ढांचा और यातायात व्यवस्था उनके जेहन में रहेंगे।

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First Published - May 20, 2024 | 8:07 AM IST

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