facebookmetapixel
Advertisement
टियर-2 शहर बने रियल एस्टेट का नया ग्रोथ इंजन, डेवलपर्स का बढ़ा निवेशभारत बनेगा GCC की ग्लोबल राजधानी! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रखा 2030 तक 5,000 सेंटर का लक्ष्यOil Shock से अब कम डरेगा भारत! 1991 के मुकाबले 30% ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट हुई अर्थव्यवस्थाGoogle vs Hindware: कीवर्ड बिडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा गूगल, सिंगल बेंच के फैसले को दी चुनौतीTCS Q1 Results: AI कारोबार ने बढ़ाई रफ्तार, उम्मीद से बेहतर रहे नतीजे; मुनाफा 4.6% बढ़कर ₹13,349 करोड़ पहुंचाSME IPO होंगे सस्ते? सेबी ला रहा बड़ा सुधार, डीलिस्टिंग से लेकर लिस्टिंग लागत तक बदल सकते हैं नियमतेल की कीमतें तय करेंगी बाजार की चाल! कोटक एएमसी के एमडी नीलेश शाह बोले- रिटर्न की उम्मीदें रखें सीमितNSE Co-location Case: चित्रा रामकृष्ण को हाई कोर्ट से झटका, भ्रष्टाचार मामले में याचिका खारिजQ1 Preview: वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में अव्वल रहेंगी एनर्जी और टेलीकॉम कंपनियां ब्लूमबर्ग ने शुरू की भारत के सरकारी बॉन्ड की ई-ट्रेडिंग, FPI को मिलेगी बड़ी सुविधा

Chhattisgarh Elections: नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात की जाएंगी महिला कमांडो

Advertisement

बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि महिला कमांडो अपने स्थानीय संबंधों के कारण क्षेत्र में सुरक्षित चुनाव करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी

Last Updated- September 26, 2023 | 7:56 PM IST
CRPF

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में पुलिस और सेना के कमांडो तैनात करने का फैसला किया है।

CRPF विशेष रूप से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों के लिए महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ स्थानीय लोगों को नियुक्त करने की भी योजना बना रही है। इन भर्ती की गई “महिला कमांडो” को सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे जिलों में तैनात करने से पहले ट्रेनिंग दी जाएगी।

बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि महिला कमांडो अपने स्थानीय संबंधों के कारण क्षेत्र में सुरक्षित चुनाव करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सली हमलों की चिंताओं के कारण छत्तीसगढ़ में कई चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। 2018 के चुनावों में, छत्तीसगढ़ में छह नक्सली हमले हुए थे, जिसमें दूरदर्शन के एक कैमरापर्सन सहित 13 लोग मारे गए थे।

रिपोर्टों से पता चलता है कि दंतेवाड़ा और सुकमा में तैनात महिला कमांडो को क्रमशः “दंतेश्वरी फाइटर्स” और “दुर्गा फाइटर्स” के नाम से जाना जाएगा। सीआरपीएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के लगभग 50,000 जवानों को बस्तर डिवीजन में तैनात किया जा रहा है, और उन्हें हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है।

हाल ही में, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पहली बार नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 40 गांवों में मतदान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

सुंदरराज पी ने कहा कि उन्होंने पिछले चार सालों के दौरान अशांत बस्तर संभाग में 63 से ज्यादा सुरक्षा बल शिविर स्थापित किए हैं। अतीत में, इन क्षेत्रों में मतदान केंद्रों को अक्सर ट्रांसफर कर दिया जाता था। हालांकि, इस वर्ष उनका लक्ष्य इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक मतदान केंद्र बनाना और यहाँ तक कि नए केंद्र भी खोलना है। उनका मानना है कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया बढ़ेगी।

Advertisement
First Published - September 26, 2023 | 7:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement