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WTO ने 2023 के लिए वैश्विक व्यापार पूर्वानुमान में कटौती की

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Last Updated- December 11, 2022 | 2:03 PM IST

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के पूर्वानुमान के मुताबिक वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण विश्व व्यापार में होने वाली वृद्धि 2023 में घटकर एक प्रतिशत तक रह सकती है। WTO ने इस साल वैश्विक व्यापार में 3.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि इससे पहले अप्रैल में उसने समान अवधि के लिए तीन प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था।
बहुपक्षीय निकाय ने एक बयान में कहा कि विश्व व्यापार की गति 2022 की दूसरी छमाही में धीमी पड़ने और 2023 में सुस्त रहने का अनुमान है। 

बयान के मुताबिक, ”WTO के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि 2022 में वैश्विक वस्तु व्यापार में 3.5 प्रतिशत वृद्धि होगी। यह अप्रैल में तीन प्रतिशत के पूर्वानुमान से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, उन्हें 2023 में एक प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है, जो 3.4 प्रतिशत के पिछले अनुमान के मुकाबले काफी कम है।” ये पूर्वानुमान भारत के लिए अच्छे नहीं हैं, क्योंकि देश ने अपने निर्यात को बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
WTO ने कहा कि विभिन्न कारणों से प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि धीमी होने के कारण आयात मांग में नरमी का अनुमान है। रूस-यूक्रेन युद्ध से ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण यूरोप में विनिर्माण लागत बढ़ेगी और घरेलू खर्च में कमी आएगी। बयान में आगे कहा गया है कि अमेरिका में सख्त मौद्रिक नीति से आवास, मोटर वाहन और ब्याज दर को लेकर संवेदनशील अन्य क्षेत्रों में खर्च प्रभावित होगा। चीन कमजोर बाहरी मांग के साथ ही कोविड-19 के प्रकोप से जूझ रहा है। 

ईंधन, खाद्य वस्तुओं और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी का बुरा असर विकासशील देशों में देखने को मिल रहा है। 

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First Published - October 6, 2022 | 12:27 PM IST

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