facebookmetapixel
Advertisement
Stock Market: तेल की कीमतों से बाजार में हड़कंप! सेंसेक्स 829 अंक टूटा, निफ्टी गिरासोने में निवेश करें या रुकें? इन 5 फैक्टर्स पर रखें नजरईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की चेतावनी, अरब पड़ोसियों पर हमले जारी रहेंगेभू-राजनीतिक संकट बाजार के लिए सिर्फ ‘स्पीड ब्रेकर’, एनालिस्ट बोले- लॉन्ग टर्म रिटर्न पर असर नहींNSE के IPO की उलटी गिनती शुरू, 20 मर्चेंट बैंक और 8 कानूनी सलाहकारों की हुईं नियुक्तिदिल्ली में टूटेंगे बिजली की मांग के सारे रिकॉर्ड, गर्मियों में पीक डिमांड 9,000 मेगावाट पार जाएगी!जंग के हालात में घबराकर शेयर न बेचें, एनालिस्ट ने बताया 65% इक्विटी, 25% डेट और 10% गोल्ड में रखें पैसाफरवरी में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.21% पर, सोना-चांदी और सब्जियों की कीमतों ने बढ़ाया दबावहोर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने की मंजूरी पर कुछ कहना जल्दबाजी: विदेश मंत्रालय70% तक रिटर्न का टारगेट! Nuvama को क्यों पसंद आ रहा ये Chemical Stock? जानें क्यों दिया इतना बड़ा टारगेट

मारुति पर चढ़कर दौड़ा वाहन निर्यात

Advertisement
Last Updated- January 03, 2023 | 10:43 PM IST
car export

वै​श्विक चुनौतियों के बावजूद कैलेंडर वर्ष 2022 में भारत से यात्री वाहनों के निर्यात तेज हो गया। इस दौरान यात्री वाहन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजूकी ने निर्यात में 28 फीसदी इजाफा दर्ज किया, जिससे कुल वाहन निर्यात को भी ताकत मिली। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सायम के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2022 के पहले 11 महीनों में यात्री वाहनों का कुल निर्यात 11 फीसदी बढ़कर 5,35,325 वाहन हो गया। दिसंबर के निर्यात आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।

मारुति ने अपनी कोरियाई प्रतिस्पर्धी ह्युंडै मोटर्स इंडिया (एचएमआईएल) को वित्त वर्ष 2021-22 में निर्यात के मोर्चे पर पछाड़ दिया था और पिछले साल भी उसने रफ्तार बरकरार रखी। कैलेंडर वर्ष 2022 के दौरान ह्युंडै ने 13.7 फीसदी इजाफे के साथ 1,48,300 वाहन भारत से निर्यात किए। मारुति का निर्यात भी 2022 में बढ़कर 2,63,068 वाहन हो गया, जो 2021 में 2,05,450 वाहन ही था।

कैलेंडर वर्ष 2020 के मुकाबले मारुति ने तीन गुना यात्री वाहनों का निर्यात किया। वै​श्विक महामारी से पहले वाले साल यानी 2019 के मुकाबले भी उसने दोगुना वाहन निर्यात किए। मारुति सुजूकी इंडिया के एमडी एवं सीईओ हिसाशी ताकेयुची ने कहा, ‘लगातार दूसरे साल 2 लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात करने से पता चलता है कि हमारे उत्पादों की गुणवत्ता, साख, प्रदर्शन कितना अच्छा है और कीमत कितनी कम हैं। यह भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रति हमारे संकल्प के अनुरूप है।’

टोयोटा मोटर्स के साथ साझेदारी से मारुति सुजूकी को निर्यात बाजार में दमदार नेटवर्क मिला है। एसऐंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक पुनीत गुप्ता ने कहा, ‘पिछला साल मारुति के लिए शानदार रहा और उसने कई गुना वृद्धि दर्ज की। इसका एक कारण टोयोटा के साथ उसकी साझेदारी भी है। अच्छी बात यह है कि भारत की सबसे बड़ी यात्री वाहन कंपनी घरेलू बाजार पर ही नहीं ब​ल्कि निर्यात पर भी ध्यान दे रही है।’

कंपनी मुख्य तौर पर अफ्रीका, प​श्चिम ए​शिया, लैटिन अमेरिका, आसियान और पड़ोसी देशों को निर्यात करती है। फिलहाल मारुति अपने 16 मॉडलों को निर्यात कर रही है। इधर ह्युंडै इंडिया अफ्रीका,
प​श्चिम ए​शिया, लैटिन अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ए​शिया प्रशांत के करीब 85 देशों को निर्यात करती है। विशेषज्ञों के अनुसार ह्युंडै और किया दोनों के लिए अपनी निर्यात रफ्तार बनाए रखना जरूरी है।

पुनीत गुप्ता ने कहा, ‘वे भारत से निर्यात करने में भलीभांति समर्थ हैं। ह्युंडै और किया की भारत में बिक्री अच्छी है मगर उन्हें निर्यात के मोर्चे पर रफ्तार बढ़ानी होगी।’ 2022 में ह्युंडै ने भारतीय बाजार में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। उसने 5,52,500 वाहन बेचे, जो उससे साल भर पहले के मुकाबले 9 फीसदी बढ़ ज्यादा रहे। उसकी स्थापित क्षमता करीब 7.5 लाख वाहन सालाना है। हाल के वर्षों में फोर्ड और जनरल मोटर्स के बाहर होने से भारतीय निर्यात बाजार को झटका लगा है। घरेलू बाजार में बढ़त के लिए भारतीय विनिर्माताओं को निर्यात कम करना होगा। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के निर्यात में भी 2022 में 12.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

Advertisement
First Published - January 3, 2023 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement