facebookmetapixel
Advertisement
4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबामोटी कमाई का चांस! अगले हफ्ते लगभग 150 कंपनियां देंगी डिविडेंड, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकाजन्माष्टमी पर बाजारों में बंपर खरीदारी की उम्मीद, 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार का अनुमान18 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 37.5 अरब डॉलर खर्च, फिर भी ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया ‘छोटी बात’लाइट, कैमरा और एक्शन: कैसे साल 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारतीय सिनेमा का पूरा कारोबार बदल दिया?भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यों और शहरों को खुद जुटाना होगा फंड: भार्गव दासगुप्ता

रुपये ने लगाया और भी गोता

Advertisement

इस कैलेंडर वर्ष में रुपये में 2.24 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। अभी तक दिसंबर में 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

Last Updated- December 24, 2024 | 10:44 PM IST
Rupee Dollar_Shutterstock

रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया। डीलरों के मुताबिक डॉलर की मांग बढ़ने के कारण रुपया लगातार छठे सत्र में नए निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। महीने के अंत में आयातकों की मांग और अमेरिका की ट्रेजरी यील्ड से डॉलर की मांग बढ़ गई है।

मंगलवार को रुपया 85.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जबकि यह सोमवार को 85.12 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस कैलेंडर वर्ष में रुपये में 2.24 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। अभी तक दिसंबर में 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने डॉलर की बिक्री कर विदेशी मु्द्रा बाजार में हस्तक्षेप किया। इससे रुपया और गिरने से रुका था। लिहाजा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार छह माह के निचले स्तर पर पहुंच गया लेकिन रिजर्व बैंक के समय से हस्तक्षेप करने से मुद्रा की अतिरिक्त गिरावट थम गई।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘डॉलर सूचकांक 108 के पार चला गया और तेल आयातकों की ओर से महीने के अंत में मांग रही।’ उन्होंने कहा, ‘रिजर्व बैंक वहां था। वे वहां उपस्थित थे लेकिन एक विशिष्ट स्तर पर नहीं।’अमेरिका की 10 वर्षीय यील्ड सोमवार को बढ़कर 4.59 प्रतिशत हो गई और पूरे दिन स्थिर रही। इस दौरान डॉलर सूचकांक इस महीने 2 प्रतिशत बढ़कर 108.2 पर पहुंच गया।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘हम मार्च के अंत तक रुपये के 85.50 प्रति डॉलर का अनुमान लगा रहे थे लेकिन हम दिसंबर में ही 85.20 के स्तर पर पहुंच गए। रिजर्व बैंक ने नकदी कम करके और अल्पावधि तरीकों से हस्तक्षेप करने का प्रयास किया है।’ भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया आंकडो़ं के अनुसार बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी बढ़कर 2.43 लाख करोड़ रुपये हो गई और यह मौजूदा वर्ष में 21 मई के बाद उच्चतम स्तर है।

रुपये ने इस तिमाही में कई कारकों से महत्त्वपूर्ण दबाव झेला है। इन कारकों में सुस्त पूंजीगत आवक, बढ़ता व्यापार घाटा, गिरती आर्थिक वृद्धि की चिंताएं और सबसे नवीनतम फेडरल रिजर्व बैंक का बेंचमार्क ब्याज दरों पर आक्रामक रुख है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 आधार अंक की कटौती की है लेकिन बढ़ती महंगाई का संकेत देकर आक्रामक रुख को कायम रखा है।

केंद्रीय बैंक ने 2025 में ब्याज दरों में 50 आधार अंक की कटौती का अनुमान जताया। फिर 2026 में कटौती का अनुमान जताया गया है। वर्ष 2024 में ब्याज दर में 100 आधार अंक की कटौती की जा चुकी है। फेड के 2026 के मध्य तक दर समायोजन को रोकने की संभावना है। भविष्य के निर्णय 20 जनवरी को राष्ट्रपति ट्रंप के पद ग्रहण के बाद की आर्थिक स्थितियों पर निर्भर करेंगे।

Advertisement
First Published - December 24, 2024 | 10:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement