facebookmetapixel
Gold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लान

वित्त वर्ष 2023-24 में GDP ग्रोथ रेट 8% तक पहुंचने की संभावना काफी अधिक: CEA

भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) दिसंबर 2023 को समाप्त तीसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत बढ़ा।

Last Updated- May 08, 2024 | 1:24 PM IST
India GDP
Representative Image

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि 31 मार्च 2024 को समाप्त वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में दर्ज की गई मजबूत वृद्धि के आधार पर वित्त वर्ष 2023-24 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर आठ प्रतिशत तक पहुंचने की काफी संभावना है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) दिसंबर 2023 को समाप्त तीसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत बढ़ा। दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.6 प्रतिशत रही जबकि पहली तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत थी।

उन्होंने यहां एनसीएईआर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। यदि आप पहली तीन तिमाहियों में वृद्धि की गति को देखें, तो स्पष्ट रूप से वृद्धि दर आठ प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना काफी अधिक है।’’

यह 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 7.5 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से अधिक है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान 6.8 प्रतिशत है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सात प्रतिशत जीडीपी वृद्धि की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2024-25 से आगे की वृद्धि के बारे में उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि दर 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है, क्योंकि पिछले दशक की तुलना में इस दशक में मुख्य अंतर वित्तीय तथा कॉरपोरेट क्षेत्र में गैर-वित्तीय क्षेत्र की बैलेंस शीट की मजबूती से है।

First Published - May 8, 2024 | 1:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट