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दफ्तर जाने वालों की बढऩे लगी तादाद

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:59 AM IST

हाल के सप्ताह में कोविड-19 के नए मामले आने की वजह से राजधानी दिल्ली में यातायात और उत्सर्जन में कमी देखी गई। हालांकि सरकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि अब कोरोनावायरस की लहर में गिरावट है। बिज़नेस स्टैंडर्ड लोगों की आवाजाही, बिजली उत्पादन और भारतीय रेलवे द्वारा की जाने वाली माल ढुलाई के आंकड़े का जायजा लेने के साथ ही साप्ताहिक आधार पर प्रमुख शहरों में उत्सर्जन और यातायात डेटा पर भी नजर रखता है। आधिकारिक डेटा जारी होने से पहले, इसके जरिये अर्थव्यवस्था की एक मौजूदा तस्वीर का अंदाजा हो जाता है। वैश्विक स्तर पर भी विश्लेषकों ने तेजी से बदलती स्थिति का जायजा लेने के लिए इसी तरह के संकेतकों पर नजऱ रखी है क्योंकि कई देशों में महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया था। आवागमन से जुड़े डेटा एक अंतराल के बाद आते हैं और ये 7 दिसंबर तक के हैं। अन्य सभी आंकड़े रविवार 13 दिसंबर को खत्म हुए सप्ताह के हैं।
मुंबई और नई दिल्ली के बीच यातायात का अंतर ताजा सप्ताह में बढ़ गया जिसका अंदाजा वैश्विक लोकेशन प्रौद्योगिकी कंपनी टॉमटॉम इंटरनैशनल के डेटा से मिलता है। मुंबई ने 2019 के यातायात के लिहाज से 75 फीसदी तक का सुधार कर लिया है, वहीं नई दिल्ली इस लिहाज से 66 फीसदी के करीब है। नई दिल्ली में हाल के सप्ताहों में गिरावट से पहले अधिक यातायात देखा गया था।  
बिज़नेस स्टैंडर्ड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन का भी जायजा लेता है जिसका अंदाजा औद्योगिक गतिविधि और वाहनों से होता है। लॉकडाउन खोले जाने के बाद दिल्ली काफी हद तक सामान्य होती नजर आई लेकिन उत्सर्जन 2019 के स्तर से नीचे ही रहा। बांद्रा इलाके के आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो मुंबई में भी उत्सर्जन स्तर में मंदी देखी गई। सर्च इंजन गूगल लोकेशन डेटा के आधार पर विभिन्न श्रेणियों की जगहों पर जाने वाले लोगों का अंदाजा मिलता है। इससे पता चला कि कार्यस्थलों पर जाने वाले लोगों की तादाद सामान्य स्तर के 80 फीसदी से अधिक हो गई है। घर पर बिताये जाने वाला समय भी आठ महीने में सबसे कम था। भारतीय रेलवे ने 2019 के मुकाबले ज्यादा माल ढुलाई जारी रखी। माल ढुलाई की मात्रा और इससे होने वाली कमाई पिछले सप्ताह की तुलना में कम थी। माल ढुलाई में 2019 की तुलना में 8.3 फीसदी की बढ़त और पिछले हफ्ते 11.3 फीसदी की तेजी देखी गई। आमदनी में पिछले सप्ताह में 9.8 फीसदी की तुलना में 7 प्रतिशत की बढ़त दिखी। बिजली उत्पादन और मांग में वृद्धि धनात्मक है लेकिन दीवाली के बाद थोड़ी बढ़त के बाद एक बार फिर गिरावट आई है। बिजली उत्पादन में पिछले सप्ताह औसतन सालाना 2.7 फीसदी की बढ़त थी जो सप्ताह भर पहले लगभग छह प्रतिशत सालाना वृद्धि के स्तर पर था। बिजली की मांग आम तौर पर त्योहार के बाद थोड़ी नरम होती है जबकि दीवाली के महीने में मांग में 10.12 प्रतिशत तक की तेजी थी।

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First Published - December 16, 2020 | 11:02 PM IST

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