facebookmetapixel
Advertisement
Aegeus Technologies IPO: आज खुला ₹23.71 करोड़ का इश्यू , क्या मिलेगा लिस्टिंग गेन? निवेश से पहले जान लें हर जरूरी बातबाल झड़ने से विटिलिगो तक, Sun Pharma के लिए खुल रहे अरबों डॉलर के बाजारRBI MPC Meeting: क्या फिर नहीं बदलेगी ब्याज दर? महंगाई के बीच रीपो रेट पर टिकी बाजार की नजरGold Silver Price Today: हॉर्मुज स्ट्रेट दुबारा खुलने की संभावना से सोना ₹644 तेज, चांदी ₹1,397 चढ़ीट्रंप के टैरिफ के खिलाफ 25 राज्य अदालत पहुंचे, सेक्शन 301 पर क्यों बढ़ा विवाद?Pricol क्यों कर रही है डीमर्जर? कंपनी ने बताया आगे का बड़ा प्लान8% से कम ब्याज पर लोन नहीं! बड़े बिल्डरों को मना कर रही LIC Housing Finance, जानिए क्यों बदली रणनीतिBajaj Finserv Direct के ब्रेक-ईवन का समय तय, कंपनी ने दी नई समयसीमाStock Market Update: सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, Nifty 24,600 के करीब; Stove Kraft के शेयरों में 7% की जोरदार छलांगBank Holiday Alert: अगस्त में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

बिजली उत्पादन और माल ढुलाई की सुस्त हुई रफ्तार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 12:52 AM IST

हाल के कुछ दिनों में बिजली उत्पादन और रेलवे से माल ढुलाई में कमी दर्ज की गई है। इस महीने के शुरुआती हफ्तों में इन दोनों मोर्चों पर हालात तुलनात्मक रूप से थोड़े बेहतर थे। देश में होने वाला कुल औसत बिजली उत्पादन एक सप्ताह पहले की तुलना में कम रहा। इस वर्ष अगस्त के मध्य में बिजली उत्पादन करीब 4,500 मिलियन यूनिट प्रतिदिन पहुंच गया था मगर अब यह करीब 15 प्रतिशत कम हो गया है। 19 सितंबर को समाप्त सप्ताह तक बिजली का औसत दैनिक उत्पादन 3,800 मिलियन यूनिट दर्ज किया गया। वर्ष 2019 की समान अवधि की तुलना में यह थोड़ा अधिक है मगर 2020 के समान सप्ताह से कम है। अगस्त में बिजली उत्पादन 2019 की समान अवधि के मुकाबले 26.3 प्रतिशत तक अधिक हो गया था।
रेलवे से माल ढुलाई की गति भी पहले की तुलना में सुस्त हो गई। ताजा सप्ताह में रेलवे से माल ढुलाई पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले मात्र 0.3 प्रतिशत अधिक रही। पिछले सप्ताह में यह 5.8 प्रतिशत अधिक थी। इसी तरह, माल ढुलाई से रेलवे को प्राप्त होने वाला राजस्व भी 12 प्रतिशत से कम होकर 8 प्रतिशत रह गया। बस, रेलगाड़ी, मेट्रो और परिवहन के अन्य साधनों तक लोगों की पहुंच कोविड-19 महामारी के पूर्व के स्तर का 99.1 प्रतिशत तक हो गई। यह आंकड़ा लगातार सुधर रहा था। गणपति उत्सव के दौरान इसमें और तेजी देखी गई। महाराष्ट्र में लोग कई दिनों तक गणपति उत्सव मनाते हैं। सर्च इंजन गूगल कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के आवागमन पर नजर रखने के लिए अनाम लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करता है। इससे संबंधित आंकड़े कुछ दिनों के अंतराल के बाद जारी किए जाते हैं। ताजा आंकड़े 14 सितंबर तक के हैं।
बिज़नेस स्टैंडर्ड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन पर भी नजर रखता है। वाहनों के परिचालन और औद्योगिक गतिविधियों से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन होता है। दिल्ली में इस गैस का उत्सर्जन 2019 के सामान्य स्तर से 25.8 प्रतिशत कम रहा। यह पिछले सप्ताह के मुकाबले बेहतर रहा। मुंबई में उत्सर्जन में 2019 के मुकाबले 47.7 प्रतिशत तक कम रहा। यातायात में तेजी मिल-जुली प्रगति का संकेत दे रही है। ग्लोबल लोकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी टॉम टॉम इंटरनैशनल के आंकड़ों के अनुसार नई दिल्ली में यातायात ताजा सप्ताह में 90 प्रतिशत तक सामान्य हो गया था। पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 88 प्रतिशत था। गणेश चतुर्थी के दौरान मुंबई में यातायात थोड़ा कम हो गया था। 19 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में कुल 2,90,816 वाहनों का पंजीयन हुआ। 2020 की समान अवधि के 3,10,723 के मुकाबले यह आंकड़ा कम रहा। 2019 के 3,62,188 पंजीयन के मुकाबले ताजा आंकड़े 20 प्रतिशत कम रहे।
अर्थव्यवस्था की सेहत का जायजा लेने के लिए बिज़नेस स्टैंडर्ड इन संकेतकों पर साप्ताहिक आधार पर नजर रखता है। आधिकारिक वृहद आर्थिक आंकड़े अक्सर देरी से जारी किए जाते हैं। दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के बाद प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं का हाल जानने के लिए विश्लेषक इन्हीं संकेतकों पर विचार करते हैं। गूगल के आंकड़े कुछ दिनों की देरी से जारी किए जाते हैं। ताजा आंकड़े 14 सितंबर तक के हैं। बाकी सभी आंकड़े रविवार 19 सितंबर तक के हैं।

Advertisement
First Published - September 21, 2021 | 10:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement