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माल ढुलाई और बिजली उत्पादन में बढ़त के संकेत

Last Updated- December 12, 2022 | 9:16 AM IST

कैलेंडर वर्ष का पहला महीना अब खत्म होने के कगार पर है और बिजली उत्पादन में अधिक तेजी देखी जा रही है और ट्रेनों में अधिक माल ढुलाई हो रही है। यातायात, प्रदूषण के स्तर और आवागमन जैसे अन्य संकेतकों में भी मंदी के लक्षण दिखाई दिए। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन साप्ताहिक संकेतकों पर नजर रखता है। ये संकेतक आधिकारिक आर्थिकआंकड़ों के जारी होने से पहले ही जमीनी स्थिति का अंदाजा देते हैं जो अक्सर अंतराल के साथ जारी होता है। वैश्विक स्तर पर भी विश्लेषक इसी तरह के संकेतकों पर नजर रखते हैं ताकि अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का अंदाजा मिल जाए। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए विभिन्न देशों ने लॉकडाउन की घोषणा की जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।
नए हफ्ते में बिजली उत्पादन में साल दर साल बढ़त 8 प्रतिशत तक रही जबकि इससे पहले यह बढ़त 3.8 फीसदी तक थी। यह अंतर मध्य नवंबर के बाद से काफी व्यापक है और रविवार 24 जनवरी के डेटा से इसका अंदाजा मिलता है। भारतीय रेलवे ने भी पिछले सप्ताह की तुलना में माल ढुलाई में साल दर साल अधिक बढ़त दिखाई। रविवार, 24 जनवरी को खत्म हुए सप्ताह में ट्रेनों ने 8.5 फीसदी अधिक सामानों की ढुलाई की। पिछले सप्ताह यह 6.9 प्रतिशत तक था। माल ढुलाई से होने वाली आमदनी में बढ़त पिछले सप्ताह 5.2 फीसदी से बढ़कर 6.7 फीसदी तक हो गई। मुंबई और नई दिल्ली दोनों में सोमवार को यातायात में कमी देखने को मिली। ग्लोबल लोकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी टॉमटॉम इंटरनैशनल के आंकड़ों के मुताबिक नई दिल्ली में सोमवार सुबह 9 बजे यातायात का स्तर 2019 के स्तर से 52 फीसदी कम था। मुंबई में यातायात में 46 फीसदी की कमी देखी गई। दोनों शहरों में भीड़ पिछले सप्ताह की तुलना में कम थी। बिजऩेस स्टैंडर्ड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन के आंकड़े का भी जायजा लेता है। ये प्रदूषक औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों से आते हैं। इसमें थोड़ी गिरावट से भी इस बात का संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों की आवाजाही में कमी हुई है। लॉकडाउन की सख्ती वाले दौर में उत्सर्जन के आंकड़ों में काफी कमी दिखी थी। दिल्ली में उत्सर्जन में 70 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई थी। हालांकि दिल्ली में उत्सर्जन पिछले साल की तुलना में 24 जनवरी, रविवार को खत्म हुए सप्ताह में 12 प्रतिशत अधिक है। पिछले सप्ताह की तुलना में उत्सर्जन में साल दर साल बढ़त थोड़ा कम है। बांद्रा इलाके के आंकड़ों के आधार पर मुंबई का उत्सर्जन नियंत्रित है। इन दिनों कम लोग खरीदारी के लिए बाहर निकल रहे हैं। सर्च इंजन गूगल विभिन्न श्रेणियों वाले जगहों पर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए अनाम स्थान डेटा का इस्तेमाल करती है। हालांकि ये डेटा एक अंतराल पर नजर आते हैं। नया डेटा 19 जनवरी का है। मनोरंजन और रिटेल स्टोर पर लोगों की आवाजाही, जनवरी में कोविड के पहले के दौर के करीब 75 फीसदी पर वापस आ गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार यह वापस 70 फीसदी से नीचे चला गया है। किराना दुकानों पर जरूरी सामानों की खरीदारी और दवा की दुकानों में लोगों के जाने की रफ्तार जनवरी की शुरुआत में सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत अधिक रही थी। हालांकि यह रफ्तार अब कम होकर 1.3 फीसदी हो गई है। लोग अब पार्कों और ट्रांजिट स्टेशनों में भी कम जा रहे हैं। दफ्तर में जाने वालों की तादाद ने सामान्य दौर के करीब 88 फीसदी के स्तर को छू लिया था। हालांकि अब यह तादाद कम होकर 76.3 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है।

First Published - January 25, 2021 | 11:18 PM IST

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