facebookmetapixel
Advertisement
खेती में हर साल हो सकती है ₹40000 करोड़ तक की बचत, बीएस मंथन में कृषि विशेषज्ञों ने बताए समाधान₹11 प्रति यूनिट से ₹2.50 पर आई सौर बिजली, प्रह्लाद जोशी बोले- सस्ती ऊर्जा से घटेगी उद्योगों की लागतBS Manthan 2026: क्या भारत बनेगा दुनिया की फूड फैक्ट्री? एक्सपर्ट्स ने बताया इसके लिए क्या करना होगाBS Manthan में बोलीं सीतारमण: AI समिट का विरोध कर कांग्रेस ने की ‘इमरजेंसी’ जैसी गलती, होना चाहिए पछतावारिन्यूएबल एनर्जी में भारत की रफ्तार तेज, BS Manthan में मंत्री जोशी ने रखा विजन 2030बजट का पैसा क्यों नहीं खर्च हो रहा? राज्यों की राजनीति पर वित्त मंत्री का बड़ा सवालBS Manthan 2026: चीन से निवेश आएगा, लेकिन इस शर्त पर- FM सीतारमण ने किया साफअमेरिका में अवैध प्रवासियों पर बड़ा वार, IRS डेटा से तेज होंगे डिपोर्टेशनBS Manthan 2026: भारत में अवसरों की भरमार, सरकार के लिए हर इंडस्ट्री एकसमान – FM सीतारमणटेक और AI बदल रहे भारत में प्रतिस्पर्धा का माहौल: CCI चेयरपर्सन रवनीत कौर

सेवा क्षेत्र की गतिविधियां नवंबर में एक साल के निचले स्तर पर, PMI गिरकर 56.9 पर आया

Advertisement

नवंबर में सूचकांक लगातार 28वें महीने 50 के स्तर से ऊपर रहा। जुलाई, 2021 के बाद से सूचकांक ने यह स्तर कायम रखा हुआ है।

Last Updated- December 05, 2023 | 9:55 PM IST
Services PMI

भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां नवंबर में एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गईं। पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) का आंकड़ा नवंबर में लगातार दूसरे महीने निचले स्तर पर आया।

एसऐंडपी ग्लोबल के मंगलवार को जारी सर्वेक्षण के मुताबिक नए आर्डर कम मिलने और काम पूरा करने की धीमी रफ्तार के कारण पीएमआई का आंकड़ा नवंबर में गिरकर 56.9 पर पहुंच गया जबकि यह अक्टूबर में 58.4 था।

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘भारत के सेवा क्षेत्र ने तीसरी वित्त तिमाही के मध्य में ही वृद्धि की गति खो दी, हालांकि हम सेवाओं की मजबूत मांग देख रहे हैं जिससे नए आर्डर मिलने और काम पूरा करने की गति बढ़ेगी।’

नवंबर में सूचकांक लगातार 28वें महीने 50 के स्तर से ऊपर रहा। जुलाई, 2021 के बाद से सूचकांक ने यह स्तर कायम रखा हुआ है। दरअसल 50 से ऊपर का स्तर विस्तार और उससे नीचे का गिरावट का माना जाता है।

इस सर्वेक्षण में करीब 400 कंपनियों ने हिस्सा लिया। यह कंपनियां यातायात, सूचना, दूरसंचार, वित्त, बीमा, रियल एस्टेट, गैर खुदरा उपभोक्ता और कारोबारी गतिविधियों से संबंधित थीं। इससे पहले अप्रैल से सितंबर के दौरान सेवा पीएमआई का आंकड़ा औसतन 60 से अधिक रहा था।

कीमतों की बात करें तो कच्चे माल और काम पूरा करने की दरें आठ महीने के निचले स्तर पर फिसल गईं। रोजगार के मोर्चे पर सेवा कंपनियों ने कारोबार के मुख्य तौर पर स्थिर स्तर पर रहने से नई भर्तियां रोकी हैं।

Advertisement
First Published - December 5, 2023 | 9:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement