facebookmetapixel
Explainer: भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल, लेकिन इससे पहले का सारा हिसाब-किताब समझ लेंRBI ने जारी किया निर्देश, 31 मार्च 2026 को खुले रहेंगे सरकारी कामकाज वाले बैंकBudget 2026 में स्टूडेंट्स को बड़ा फायदा मिला है? एक्सपर्ट्स ने बताया इसमें छात्रों के लिए कहां-कहां है मौकाJio-BlackRock का बड़ा धमाका! सिर्फ ₹350 में पूरे साल पाएं पर्सनलाइज्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइसBudget 2026 में सरकार ने सीनियर सिटीजन्स के लिए कुछ किया भी या नहीं? जानें एक्सपर्ट इसपर क्या सोचते हैंट्रेड डील की डिटेल्स फाइनल स्टेज में; भारत-अमेरिका जल्द जारी करेंगे बयान: पीयूष गोयलIndia-Us trade deal: भारतीय मसालों का जायका होगा तेज, निर्यात को मिलेगा बढ़ावावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का स्वागत किया, कहा- ‘मेड इन इंडिया’ को मिली बड़ी राहतEPFO का दावा: PF के नए नियमों से टैक्स का झंझट खत्म, अब निवेश व रिटर्न पाना होगा और आसानKotak MF ने उतारा नया सर्विसेज फंड, ₹500 की SIP से भारत के ग्रोथ इंजन पर दांव लगाने का मौका

Service PMI : भारत में सर्विस सेक्टर की गतिविधियां अक्टूबर में 7 महीने के निचले स्तर पर

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अक्टूबर में 58.4 पर पहुंच गया।

Last Updated- November 03, 2023 | 11:55 AM IST
Service PMI
Representative Image

भारत के सर्विस सेक्टर की गतिविधियां अक्टूबर में सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं। प्रतिस्पर्धी स्थितियों और मूल्य दबावों के बीच उत्पादन तथा मांग में नरमी के कारण यह गिरावट आई है। एक मासिक सर्वेक्षण में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई है।

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अक्टूबर में 58.4 पर पहुंच गया। यह सितंबर में 13 साल के उच्चतम स्तर पर 61 पर पहुंच गया था।

खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है। सर्वेक्षण सेवा क्षेत्र की करीब 400 कंपनियों को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों पर आधारित है। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘‘ कई कंपनियां नए अनुबंध हासिल करने में कामयाब रहीं, लेकिन कुछ ने अपनी सेवाओं तथा प्रतिस्पर्धी स्थितियों की धीमी मांग को लेकर चिंता व्यक्त की।’’

यह भी पढ़ें : MGNREGS: धन की कमी, मगर मनरेगा में बनी हुई है काम की मांग

अक्टूबर के आंकड़ों में सितंबर 2014 में श्रृंखला शुरू होने के बाद से भारतीय सेवा कंपनियों को दिए गए अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों में दूसरी सबसे तेज वृद्धि को दर्ज होने की बात सामने आई।

सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले लोगों ने एशिया, यूरोप और अमेरिका में ग्राहकों से लाभ होने का उल्लेख किया। भारत में सेवा कंपनियों ने अक्टूबर में अपने खर्चों में वृद्धि दर्ज की जिसके लिए उन्होंने भोजन, ईंधन और कर्मचारियों की उच्च लागत को जिम्मेदार ठहराया। इस बीच एसएंडपी ग्लोबल इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अक्टूबर में 58.4 रहा, जो सितंबर में 61 था।

First Published - November 3, 2023 | 11:55 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट