facebookmetapixel
Gold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लान

G-Secs: RBI गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट में खुदरा निवेशकों की भागीदारी के लिए लाएगा मोबाइल ऐप

RBI MPC Meet: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रीपो में कोई बदलाव नहीं किया।

Last Updated- April 05, 2024 | 12:32 PM IST
रिजर्व बैंक ने डिजिटल लेनदेन वैक​ल्पिक प्रमाणन ढांचे का प्रस्ताव रखा, RBI proposes new authentication mode for digital payment transactions
Representative Image

RBI MPC Meet: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) सरकारी प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी को सुगम बनाने के लिए जल्द ही एक मोबाइल ऐप पेश करेगा।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए यह प्रस्ताव किया। नवंबर, 2021 में पेश की गई आरबीआई की रिटेल ‘डायरेक्ट स्कीम’ व्यक्तिगत निवेशकों को केंद्रीय के साथ गिल्ट खाते बनाए रखने और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना निवेशकों को प्राथमिक नीलामी में प्रतिभूतियों को खरीदने के साथ-साथ एनडीएस-ओएम मंच के जरिये प्रतिभूतियों को खरीदने/बेचने में सक्षम बनाती है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस पहुंच को और सुगम तथा बेहतर बनाने के लिए रिटेल ‘डायरेक्ट पोर्टल’ की एक मोबाइल ऐप बनाई जा रही है। यह ऐप निवेशकों को अपनी सुविधानुसार, चलते-फिरते उपकरण खरीदने और बेचने में सक्षम बनाएगा। ऐप शीघ्र ही उपयोग के लिए उपलब्ध होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रीपो में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा।

महंगाई को चार प्रतिशत पर लाने और वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक वृद्धि को गति देने के मकसद से नीतिगत दर को यथावत रखा गया है। यह लगातार सातवां मौका है जबकि रीपो दर में बदलाव नहीं किया गया है।

First Published - April 5, 2024 | 12:16 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट