facebookmetapixel
Advertisement
NSE ने सेबी के पास IPO पेपर जमा किए, ₹30,000 करोड़ जुटाने की योजना; देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनेगाBrazil में फ्लेक्स फ्यूल 70% सस्ता क्यों?मुंबई में जल संकट गहराया, BMC की पाबंदियों से 2.07 लाख घरों की डिलीवरी पर खतराSuzlon 2.0: क्या शेयर अगली रैली के लिए तैयार है?India-EU FTA पर साल के अंत तक लगेगी मुहर, 99% भारतीय निर्यात पर घटेगा शुल्कभारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा सवाल! सिर्फ 10 दिन का रणनीतिक तेल भंडार, CEEW की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंताSEBI की चेतावनी: अनलिस्टेड शेयरों में निवेश से पहले सावधान! इन प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग से बचेंस्मॉल कैप निवेश का सही तरीका क्या है? एक्टिव, पैसिव या स्मार्ट-बीटा फंड; कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नJioBlackRock AMC ने ओवरनाइट फंड को जियो पेमेंट्स बैंक के ‘सेविंग्स प्रो’ फीचर से जोड़ा, निवेशकों को मिलेंगे ये फायदेReliance AGM 2026: Jio IPO से AI तक, मुकेश अंबानी के बड़े ऐलान पर टिकी बाजार की नजर

आशावादिता अधूरी विजय का न बने कारण: CEA नागेश्वरन

Advertisement

मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने यह भी कहा कि भारत विश्व का ग्रोथ इंजन है। भारत से छोटे देशों की वृद्धि दर अधिक है और ऐसा वे कर भी सकते हैं। 

Last Updated- December 08, 2023 | 9:53 PM IST
It is necessary to reduce business costs: Nageshwaran

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरनन (CEA V. Ananth Nageswaran) ने शुक्रवार को कहा कि अभी भी भारत मध्यम आय वाले देश भारत को लंबा रास्ता तय करने के लिए जमीनी हकीकत पर रहना है। हमारी आशावादिता अधूरी विजय का कारण नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCA) के 96वें सालाना सम्मेलन में कहा कि हमारी आकांक्षाएं व घोषणाएं उपलब्धियों से परे नहीं जानी चाहिएं।

नागेश्वरन ने जोर दिया कि पहले दशक की जबरदस्त वृद्धि और दूसरे दशक में बैलेंसशीट के दुरुस्त होने के दौरान मुश्किल आशावाद और अत्यधिक प्रसन्नता के बीच अंतर किए जाने की जरूरत थी।

उन्होंने कहा कि यदि प्रतीक्षारत निजी क्षेत्र की पूंजी अधिक मात्रा में आती है तो कहीं तेजी गति से आगे बढ़ सकते हैं। इससे भारत की वृद्धि की गति तेज व त्वरित हो सकती है। उन्होंने अनिश्चितता का माहौल जैसा है, वैसा ही स्वीकार करने की जरूरत पर बल दिया है।

नागेश्वरन ने कहा कि कार्य में निजी क्षेत्र की अधिक पूंजी निवेश होने की स्थिति में अनिश्चितता कम होगी। उन्होंने कहा, ‘हम जो भी निवेश गतिविधियां आगे बढ़ाएंगे, वे अनिश्चितता को कम करने में अधिक योगदान देंगी। निजी क्षेत्र के पास अधिक संसाधन हैं।’

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के निवेश में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए ढांचागत बदलाव किया गया है। इस क्रम में नियमित रूप से आधारभूत ढांचे को बढ़ाया गया है, अनुपालन बोझ घटाया गया है और महत्त्वपूर्ण तकनीकों व खनिज अयस्क की सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं।

नागेश्वरन ने कहा, ‘बीते आठ वर्षों के रिकार्ड पर नजर डालें तो यह कहा जाता था कि इन चुनौतियों को हल किया जाएगा। सरकार ने बीते आठ से नौ वर्षों में इस पर कार्य किया। लिहाजा एक दौर से दूसरे दौर में जाने की बीच संकरापाइंट (निजी निवेश के लिए) आ गया है। मैं कहूंगा कि यह वास्तविकता से अधिक मनोवैज्ञानिक है।’

मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने यह भी कहा कि भारत विश्व का ग्रोथ इंजन है। भारत से छोटे देशों की वृद्धि दर अधिक है और ऐसा वे कर भी सकते हैं।

Advertisement
First Published - December 8, 2023 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement