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भारतीय तेलशोधक ईरान से फिर कच्चा तेल आयात को इच्छुक

ईरान से कच्चे तेल के प्रमुख आयातक देश प्रतिबंध हटने की स्थिति में बड़ी मात्रा में आयात के लिए तैयार हैं।

Last Updated- May 22, 2025 | 10:41 PM IST
Crude Oil
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत की तेल शोधक कंपनियों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच शुरू होने वाली अभूतपर्व पांचवें दौर की वार्ता पर है। उम्मीद यह है कि अमेरिका जमी हुई बर्फ पिघलने की स्थिति में ईरान पर प्रतिबंध हटा सकता है और इस देश से कच्चे तेल के आयात की अनुमति दे सकता है।

भारत के लिए वैश्विक स्तर पर दामों में गिरावट के बावजूद कच्चे तेल के मूल्य और मात्रा में उतार-चढ़ाव चिंता का विषय है। अधिकारियों के मुताबिक ईरान से कच्चे तेल के प्रमुख आयातक देश प्रतिबंध हटने की स्थिति में बड़ी मात्रा में आयात के लिए तैयार हैं।

 सूत्रों ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की भारत यात्रा के दौरान हालिया द्विपक्षीय बैठक में कच्चे तेल का आयात फिर शुरू करने का मुद्दा उठा था। बीते साल अप्रैल में इजरायल और ईरान में एक दूसरे पर हवाई हमले किए जाने के बाद ईरान से कच्चे तेल का आयात किए जाने की शुरुआती योजनाएं धराशायी हो गई थीं।  वैश्विक मीडिया ने बताया कि ईरान में यूरेनियम संवर्द्धन सहित परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के मुद्दों पर सहमति बनने के हल्के संकेत मिल रहे हैं। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने बुधवार को बताया कि  रोम में पांचवें दौर की बातचीत शुक्रवार को शुरू होगी। ओमान अप्रैल के बाद से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

तेल शोधन कंपनी के अधिकारी ने बताया, ‘अभी 47 दिन तक के ब्रेंट का मूल्य 70 डॉलर प्रति बैरल से कम है। हालांकि विशेषतौर पर जारी व्यापार युद्ध के दौरान आपूर्ति संबंधी जोखिम हमेशा कायम रहता है। ईरान से पहले कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर थी।’

भारत के लिए 2018-19 तक कच्चे तेल के आयात का तीसरा प्रमुख स्रोत ईरान था और उस दौरान आयात बढ़कर शीर्ष पर 12.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने जून 2019 में इस देश के परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से प्रतिबंध लगा दिए थे। हालांकि अमेरिका ने भारत जैसे देशों को ईरान से तेल की आपूर्ति की छूट दे दी थी लेकिन इस व्यापार को डॉलर की पहुंच से वंचित कर दिया गया था। ओपेक के मुताबिक इसके परिणामस्वरूप ईरान 2018 में कच्चे तेल का निर्यात करने वाले 9वें देश से गिरकर 2021 में 71वां देश बन गया।  बिजनेस स्टैंडर्ड ने बीते साल जानकारी दी थी कि व्यापारी मलेशिया के तेल की आड़ में ईरान के कच्चे तेल की तेजी से आपूर्ति कर रहे थे। हालांकि भारत ईरान के अलावा किसी अन्य वैश्विक प्रतिबंध वाले देश से कच्चे तेल की आपूर्ति नहीं खरीदता है।

First Published - May 22, 2025 | 9:52 PM IST

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