facebookmetapixel
होटलों को एयरलाइंस की तरह अपनाना चाहिए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल: दीक्षा सूरीRBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, क्रिप्टो पर सतर्कता; CBDC को बढ़ावाउभरते आर्थिक दबाव के बीच भारतीय परिवारों का ऋण बढ़ा, पांच साल के औसत से ऊपरनया साल 2026 लाया बड़े नीतिगत बदलाव, कर सुधार और नई आर्थिक व्यवस्थाएंसरकार ने 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच समर्थन योजना शुरू कीअनिश्चित माहौल में सतर्कता नहीं, साहस से ही आगे बढ़ा जा सकता है: टाटा चेयरमैनपुरानी EV की कीमत को लेकर चिंता होगी कम, कंपनियां ला रही बायबैक गारंटीऑटो PLI योजना का बढ़ेगा दायरा, FY27 से 8 और कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहनLPG Price Hike: नए साल की शुरुआत में महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर ₹111 हुआ महंगादिल्ली की EV पॉलिसी 2.0 पर मंथन तेज, सायम और 5 कंपनियों के साथ मसौदे पर चर्चा करेगी सरकार

ई-कॉमर्स में पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल को लेकर भारत ने मांगी राय

भारत का मानना है कि इस दाखिले से WTO में ई-कॉमसर्स पर चर्चा का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा; अब तक87 देशों ने ई-कॉमर्स नियमों के ढांचे की वार्ता में हिस्सा लिया है

Last Updated- February 10, 2023 | 10:52 PM IST
WTO

भारत ने डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल और उसकी स्वीकार्यता को लेकर विकासशील और कम विकसित देशों में हो रही दिक्कतों पर विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य देशों से राय मांगी है। साथ ही वैश्विक ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर भी भारत ने सदस्यों की राय मांगी है।

भारत ने अंतिम समझौते से पहले WTO में ई-कॉमर्स क्षेत्र के उपभोक्ता सुरक्षा और डिजिटल ढांचे से संबंधित दो पर्चे दाखिल किए हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारत चाहता है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में कोई फैसला लेने या नियम बनाने से पहले WTO के सदस्य इन सभी मुद्दों पर ‘गहराई’ से चर्चा करें।

भारत में WTO में उपभोक्ता सुरक्षा पर एक पर्चा पिछले साल दिसंबर में दाखिल किया था। दिसंबर में दाखिल पर्चे में सदस्य देशों से ई-कॉमर्स के क्षेत्र मं उपभोक्ता संरक्षण में व्यापार संगठन की भूमिका बढ़ाने की बात कही गई थी और सदस्य देशों से यह पूछा गया था कि इस मसले पर प्रवर्तन एजेंसियों के बीच किस तरह से सहयोग हो सकता है।

वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव पीयूष कुमार ने कहा कि इन दो पत्रों के दाखिल किए जाने से ई-कॉमर्स पर बहुपक्षीय चर्चा की ओर ध्यान केंद्रित होगा। कुमार ने कहा, ‘उम्मीद की जा रही है कि इन पत्रों से डब्ल्यूटीओ में ई-कॉमर्स की चर्चा को बैकल्पिक राह मिलेगी।’

वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन ने कहा कि ई-कॉमर्स क्षेत्र पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है और इसका विकासशील व गरीब देशों पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस पर WTO में बहुपक्षीय व्यवस्था में चर्चा होनी चाहिए न सिर्फ कुछ देशों के एक समूह में। वर्तमान में ई-कॉमर्स कानून का मसौदा बनाने के लिए 87 देशों, जिनमें ज्यादातर विकसित हैं, का एक समूह चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये दो पर्चे चर्चा के लिए आधार तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने किसी कानून का प्रस्ताव नहीं दिया है।

जैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम कह रहे हैं कि इन मुद्दों पर विस्तार से बहुपक्षीय चर्चाएं नहीं हुई हैं। इसलिए सभी सदस्यों को सबसे पहले इन मुद्दों पर चर्चा करनी है। हमें सबसे पहले गहराई से चर्चा करनी है।’

First Published - February 10, 2023 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट