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कृषि उत्पादन, होटल-परिवहन और उपभोग में सुधार से गति पकड़ रही अर्थव्यवस्था, NSO शुक्रवार को जारी करेगा आंकड़े

Last Updated- May 26, 2025 | 10:08 AM IST
Indian Economy GDP

भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च) में गति पकड़कर कम से कम चार तिमाही के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है। इसके पहले की तीन तिमाहियों में वृद्धि दर मध्यम रही थी। विश्लेषकों का कहना है कि कृषि उत्पादन में मजबूत प्रदर्शन, ग्रामीण उपभोग मांग, व्यापार, होटल, परिवहन तथा निर्माण क्षेत्र में वृद्धि के कारण चौथी तिमाही में तेज वृद्धि की संभावना है।

वित्त वर्ष 2025 की पहली तीन तिमाहियों में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत, 5.6 प्रतिशत और 6.2 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2025 में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी और चौथी तिमाही में 7.6 प्रतिशत वृद्धि होगी। एनएसओ चौथी तिमाही की वृद्धि के आंकड़े और वित्त वर्ष 2025 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनंतिम अनुमान इसी शुक्रवार को जारी करेगा।

चौथी तिमाही में उर्वरकों की बिक्री तीसरी तिमाही से 5.4 प्रतिशत और ट्रैक्टरों की बिक्री 23.4 प्रतिशत बढ़ी है। ऐसे जल्दी-जल्दी आने वाले संकेतकों को कृषि क्षेत्र की वृद्धि का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान कृषि ऋण में 11.3 प्रतिशत की दर से कुछ सुस्त वृद्धि हुई मगर यह दो अंकों में बनी रही है। बार्कलेज में भारत की मुख्य अर्थशास्त्री आस्था गुडवाणी ने कहा, ‘फसलों के अग्रिम अनुमान में गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।

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इस हिसाब से हमें कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर बढ़ती दिख सकती है। इसी के मुताबिक हमारा अनुमान है कि कृषि में सकल मूल्यवर्द्धन (जीवीए) चौथी तिमाही में 5.8 प्रतिशत बढ़ेगा, जो तीसरी तिमाही के 5.6 प्रतिशत से अधिक है।’ अधिक कृषि उत्पादन और ग्रामीण मजदूरी में वास्तविक वृद्धि (2.3 प्रतिशत) बढ़ने से चौथी तिमाही में ग्रामीण मांग में इजाफे की संभावना है, भले ही शहरों में मांग सुस्त बनी हुई है।

आईडीएफसी बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता ने कहा, ‘नीलसन आईक्यू सर्वे के मुताबिक चौथी तिमाही में ग्रामीण इलाकों में एफएमसीजी की बिक्री में 8.4 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई है। हालांकि दोपहिया वाहनों की बिक्री और डीजल की खपत में वृद्धि सुस्त रही है और ग्रामीण संकेतकों में एक समान सुधार नहीं हुआ है।’ इस तिमाही के दौरान यात्री वाहनों की बिक्री (2.3 प्रतिशत), उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन (1 प्रतिशत) और व्यक्तिगत ऋण (14 प्रतिशत) की वृद्धि शहरी खपत के समान ही रही है। सेनगुप्ता ने कहा, ‘वास्तविक शहरी मजदूरी में वृद्धि एक अंक के निचले स्तर में बनी रही है। एफएमसीजी की बिक्री की मात्रा शहरी इलाकों में 2.6 प्रतिशत के कमजोर स्तर पर रही है। यूपीआई, डेबिट और क्रेडिट कार्डों से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान भी शहरों में सुस्ती दिखा रहे हैं।’

किंतु घरेलू हवाई यात्रायात (12 प्रतिशत), टोल संग्रह (17.2 प्रतिशत), ईवे बिल संग्रह (19.4 प्रतिशत) और पोर्ट कार्गो ट्रैफिक (3.7 प्रतिशत) की वृद्धि दर चौथी तिमाही में बेहतर रही है, जिसे व्यापार, होटल और परिवहन क्षेत्र की वृद्धि का संकेत माना जा सकता है। सेवा क्षेत्र में स्टील की खपत 11.8 प्रतिशत और सीमेंट का उत्पादन 12.4 प्रतिशत बढ़ने से भी निर्माण क्षेत्र में वृद्धि के संकेत मिलते हैं।

केयर रेटिंग्स ने नोट में कहा है, ‘होटल और परिवहन क्षेत्रों में तेजी से चौथी तिमाही में जीडीपी और बढ़ सकता है। कुंभ मेला और प्रमुख कार्यक्रमों के कारण यात्रा गतिविधियां बढ़ी हैं। साथ ही विदेशी पर्यटकों की आवक चौथी तिमाही में 1.3 प्रतिशत कम हुई है, जिसमें तीसरी तिमाही में 3 प्रतिशत कमी आई थी।’ किंतु औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन सुस्त रहने की संभावना है। सेनगुप्ता ने कहा,‘चौथी तिमाही में गैर-वित्तीय कंपनियों के शुद्ध लाभ में वृद्धि 6.5 प्रतिशत आंकड़े के साथ धीमी रही। बिक्री में वृद्धि की दर भी एकल अंक में ही रही। उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आदि की लागत बढ़ने से उत्पादकों का मार्जिन घटा है।’

First Published - May 26, 2025 | 7:12 AM IST

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