facebookmetapixel
1901 के बाद 2025 रहा देश का आठवां सबसे गर्म साल: IMDHealth Insurance के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, पॉलिसियों की बिक्री घटीअब बैंक भी बन सकेंगे पेंशन फंड के प्रायोजक, PFRDA ने नए ढांचे को दी मंजूरीPM Internship Scheme का तीसरा चरण जनवरी में शुरू होने की उम्मीद, हो सकते हैं बदलाव2025 में UPI ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, लेनदेन में 30% से ज्यादा उछालStocks To Watch: Sapphire Foods से लेकर NMDC तक, आज फोकस में रहेंगे ये 10 शेयरPPF–SSY पर नहीं बदली दरें, जमा ब्याज घटाने को लेकर बैंकों में दुविधानवंबर तक इंडस्ट्री को क्रेडिट 9.6% बढ़ा, MSME में बनी मजबूत मांगStock Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी, गिफ्ट निफ्टी से पॉजिटिव संकेत; आज चढ़ेगा बाजार ?SME शेयर मामले में 26 लोगों पर सेबी की पाबंदी, ₹1.85 करोड़ का जुर्माना लगाया

India Qatar FTA: दोनों देशों के बीच FTA पर जल्द बनेगी सहमति, पीयूष गोयल अक्टूबर में करेंगे दौरा

भारत और कतर जल्द मुक्त व्यापार समझौते पर सहमत होंगे। पीयूष गोयल अक्टूबर में कतर जाएंगे, दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 28 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है

Last Updated- September 08, 2025 | 10:23 PM IST
Trade
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत और कतर मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द ही अंतिम रूप दे सकते हैं, जिसके बाद अक्टूबर की शुरुआत में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पश्चिम एशिया के इस देश का दौरा कर सकते हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए आज कहा, ‘व्यापार समझौते की शर्तें शायद अक्टूबर की शुरुआत में ही तय कर ली जाएंगी।’

कतर और भारत फरवरी में व्यापक एफटीए की संभावना तलाशने के लिए राजी हुए थे, जिसे व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) भी कहा जाता है। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 28 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा था।

अभी भारत की यूरोपीय संघ (ईयू), न्यूजीलैंड, पेरू और चिली के साथ व्यापार समझौते पर बात चल रही है। इसी जुलाई में उसने ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते पर दस्तखत किए थे। अधिकारियों का कहना है कि ओमान के साथ समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही उस पर दस्तखत होने की उम्मीद है।

भारत ने हाल ही में रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते की शर्तें भी तय कर ली हैं। इन समझौतों से भारतीय उद्योगों के लिए दुनिया भर में और भी मौके तैयार होने की संभावना है। अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता नहीं हो पाया है और अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी का भारीभरकम शुल्क भी लगा दिया है, इसलियए ये समझौते भारत के लिए बहुत अहम हैं।

First Published - September 8, 2025 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट