facebookmetapixel
Gold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लान

मंदिरों में मुंडन के बालों से 8 महीने में हजार करोड़ की कमाई, सरकार ने तय किया 5500 रूपये/किलो का रेट

भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के अलावा पश्चिम बंगाल इस उद्योग का प्रमुख केंद्र है। भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी चीन, कंबोडिया, वियतनाम और म्यांमा हैं।

Last Updated- February 10, 2025 | 8:45 PM IST
DGFT Human Hair export

सरकार ने सोमवार को 65 डॉलर प्रति किलोग्राम से कम कीमत वाले अपरिष्कृत मानव बालों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। सरकार ने जनवरी, 2022 में इन निर्यातों पर अंकुश लगाया था।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने अधिसूचना में कहा, ‘‘अपरिष्कृत मानव बालों की निर्यात नीति को अंकुश से संशोधित कर प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, अगर निर्यात मूल्य 65 डॉलर प्रति किलोग्राम या उससे अधिक है, तो निर्यात किया जा सकता है।” म्यांमा और चीन जैसे देशों में अपरिष्कृत मानव बालों की तस्करी की खबरों के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे स्थानीय उद्योगों और निर्यात को नुकसान हो रहा था।

भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के अलावा पश्चिम बंगाल इस उद्योग का प्रमुख केंद्र है। भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी चीन, कंबोडिया, वियतनाम और म्यांमा हैं। भारत में दो तरह के बाल एकत्र किए जाते हैं – रेमी और नॉन-रेमी बाल। रेमी बाल, सबसे अच्छी श्रेणी के होते हैं, जिन्हें मंदिरों से एकत्र किया जाता है, जहां तीर्थयात्री धार्मिक मान्यता के तहत अपने बाल दान करते हैं। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से विग बनाने के लिए किया जाता है। नॉन-रेमी बाल गांवों और शहरों से एकत्र किया जाता है।

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान निर्यात 12.39 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 12.4 करोड़ डॉलर था। इसे मुख्य रूप से म्यांमा को निर्यात किया जाता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

प्रयागराज में ‘महाकुंभ’, 40 करोड़ श्रद्धालु, 25 हजार करोड़ की कमाई, 2 लाख करोड़ रुपए की इकोनॉमी; जानें विस्तार से…

BS Special: क्या है विवादित USAID जिस पर मोदी सरकार को गिराने के लिए करोड़ों खर्च करने का आरोप

 

 

First Published - February 10, 2025 | 8:45 PM IST

संबंधित पोस्ट