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अक्टूबर में आठ माह के उच्च स्तर पर आईआईपी

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:20 PM IST

देश में औद्योगिक गतिविधियां अक्टूबर में आठ महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं, जिनमें लगातार दूसरे महीने वृद्धि रही है। सरकारी आंकड़ों दर्शाते हैं कि उपभोक्ता उत्पाद, बिजली और बुनियादी ढांचा उत्पाद जैसे खंडों में विस्तार से आईआईपी बढ़ा है। इससे आर्थिक सुधार के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अर्थशास्त्री आगाह कर रहे हैं कि महामारी के बाद इस सुधार को त्योहारी सीजन की मांग और पिछले साल के कम आधार से मदद मिली है, इसलिए यह आगे बरकरार नहीं रहने के आसार हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय   की तरफ से आज जारी आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक अक्टूबर में सालाना आधार पर 3.6 फीसदी बढ़ा, जबकि इसमें सितंबर में 0.4 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी। औद्योगिक गतिविधियां छह महीने के बाद सितंबर में सकारात्मक स्तर पर आई थीं। पिछले साल की इसी अवधि में आईआईपी में 6.6 फीसदी संचुकन रहा था।
ये आंकड़े अन्य व्यापक आर्थिक संकेतकों जैसे ई-वे बिल सृजन, वस्तु एवं सेवा कर संग्रह और वाहनों की बिक्री के रुझान से मेल खाते हैं। इससे संकेत मिलता है कि आर्थिक गतिविधियां सामान्य हो रही हैं। इक्रा रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘हालांकि आईआईपी में वृद्धि आठ महीने के सर्वोच्च स्तर पर रही और इसने महामारी के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अक्टूबर में सुधार की रफ्तार उम्मीद से कमजोर रही। यह 5.5 फीसदी के हमारे अनुमान से कम रही।’
इक्रा रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि नवंबर, 2020 में आईआईपी वृद्धि फिसलेगी। इतना ही नहीं, नवंबर 2020 में मामूली संचुकन से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।’इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च में मुख्य अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने आईआईपी आंकड़ों पर आशावादिता को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि यह मानने के लिए कुछ महीने इंतजार करना पसंद करेंगे कि अर्थव्यवस्था मजबूती से सुधार की राह पर है। सिन्हा ने कहा, ‘पहले भी आईआईपी वृद्धि कई बार कुछ महीनों की अच्छी वृद्धि के बाद गिरी है।’ अक्टूबर में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में फरवरी के बाद पहली बार 3.5 फीसदी बढ़ोतरी हुई है, जबकि टिकाऊ उपभोक्ता सामान के उप-क्षेत्रों में दो अंकों में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें त्योहारी मांग का अहम योगदान रहा है। टिकाऊ उपभोक्ता सामान खंड में सितंबर में पिछले महीने की तुलना में 17.6 फीसदी वृद्धि रही। पिछले महीने में वृद्धि 3.4 फीसदी रही थी, जबकि पिछले साल के अक्टूबर महीने में 18.9 फीसदी गिरावट रही थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों में मुख्य रूप से व्हाइट गुड्स और मोबाइल शामिल हैं। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों में वृद्धि अक्टूबर में 7.5 फीसदी रही। निर्माण उत्पादों का उत्पादन आलोच्य महीने के दौरान 7.8 फीसदी बढ़ा। विनिर्माण श्रेणी का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 77 फीसदी हिस्सा है।

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First Published - December 11, 2020 | 11:42 PM IST

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