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स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे हेतु ऋण

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:46 AM IST

देश का सबसे बड़ा ऋणदाता बैंक (एसबीआई) बड़ी और मध्य आकार की स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों को बुनियादी ढांचा और क्षमताओं के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दे सकता है। एसबीआई के प्रबंध निदेशक अश्वनी भाटिया ने कहा कि अस्पताल का बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए धन की जरूरत वाली कंपनियों के साथ चर्चा हुई है। एहतियात बररते हुए बैंक 10,000 करोड़ रुपये से 15,000 करोड़ रुपये का ऋण दे सकता है। 
ऋण केवल मध्य से दीर्घावधि के लिए ही फलीभूत होंगे क्योंकि कंपनियां महामारी से उपजी तुरंत आवश्यकतों के परे लंबी अवधि के लिए मांग का आकलन करेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 31 मार्च, 2022 तक के लिए रीपो दर पर तीन साल की अवधि के लिए मांग के आधार पर 50,000 करोड़ रुपये की तरलता मुहैया कराएगा। रिजर्व बैंक की ओर से इस उपाय का उद्देश्य देश में महामारी संबंधी स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे और सेवाओं को मजबूत करने के लिए तुरंत नकदी मुहैया कराने के लिए प्रावधानों को बढ़ावा देना है। बड़ी दवा कंपनियों के पास पर्याप्त संसधान हैं और अपना विस्तार करने तथा वृद्घि के लिए उनकी ओर से बैंकों से ऋण लेने की संभावना नहीं है।

भाटिया ने कहा कि रिजर्व बैंक ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता वाले क्षेत्र का दर्जा दिया है। उसे देश में भौतिक बुनियादी ढांचे में अक्षमता नजर आती है और वह स्थितियों की दशा में सुधार के लिए किए जाने वाले प्रयासों को सहायता देना चाहता है। देश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की कमी है। प्रत्येक तालुका और तहसील को ऑक्सीजन संयंत्र की जरूरत है। प्रत्येक संयंत्र की स्थापना पर 40 लाख से 50 लाख रुपये का निवेश होगा। उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स और परिवहन शृंखला में गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा जिसको लेकर फिलहाल कमी नजर आ रही है।

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First Published - May 16, 2021 | 11:57 PM IST

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