facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

GST Collection: मई में फिर ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के पार, 20% की सालाना बढ़त

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सीमा शुल्क संबं​​धित राजस्व में तेज बढ़ोतरी और रिफंड में कमी के कारण शुद्ध जीएसटी संग्रह बढ़ा है।

Last Updated- June 01, 2025 | 10:27 PM IST
GST

मई में शुद्ध वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रा​प्तियां पिछले साल के समान महीने की तुलना में 20.4 फीसदी बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये रहीं। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सीमा शुल्क संबं​​धित राजस्व में तेज बढ़ोतरी और रिफंड में कमी के कारण शुद्ध जीएसटी संग्रह बढ़ा है। हालांकि अप्रैल की तुलना में मई में जीएसटी प्रा​प्तियों में 17 फीसदी की गिरावट आई है।

मई में सकल जीएसटी संग्रह 16.4 फीसदी बढ़कर 2.01 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें घरेलू लेनदेन से कर संग्रह में 13.7 फीसदी और आयात संबं​धी शुल्क में 25.2 फीसदी का इजाफा हुआ है। अप्रैल में जीएसटी संग्रह 12.6 फीसदी बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

केपीएमजी में अप्रत्यक्ष कर के प्रमुख और पार्टनर अ​भिषेक जैन ने कहा कि सकल जीएसटी संग्रह एक बार फिर 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना उत्साहजनक है। उन्होंने कहा, ‘अप्रैल में वित्त वर्ष के समाप्त होने (मार्च के लेनदेन के आधार पर) के कारण कुल जीएसटी संग्रह बढ़ा था मगर मई में भी 16 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि आर्थिक गतिवि​धियों में तेजी को दर्शाती है।’

अप्रैल में 11.9 करोड़ ईवे बिल जेनरेट किए गए, जो किसी भी महीने का दूसरा सबसे अधिक आंकड़ा है और मई के जीएसटी संग्रह में यह परिल​क्षित हुआ। वित्त मंत्रालय द्वारा पिछले हफ्ते जारी मासिक आ​र्थिक समीक्षा में कहा गया था, ‘ज्यादा ईवे-बिल जेनरेट होने से संकेत मिलता है कि कारोबारी गतिवि​धियां अच्छी हैं और मई में जीएसटी संग्रह के आंकड़े अच्छे रह सकते हैं।’

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एमएस म​णि ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में हर महीने सकल जीएसटी संग्रह औसतन 1.84 लाख करोड़ रुपये रहा था मगर मई में 2.01 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व सरकार को राजकोषीय सहूलियत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, ‘यह आंकड़ा सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के अनुमान के अनुरूप भी है जिसमें बेहतर खपत रुझान का संकेत मिलने की बात कही गई है।’

वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर 7.4 फीसदी रही। ईवाई में पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि अप्रैल की तुलना में सकल जीएसटी संग्रह में 21 फीसदी की गिरावट ग्राहकों के कम खर्च को दर्शाती है।

अग्रवाल ने कहा, ‘अप्रैल के उच्च संग्रह में संभवतः वित्त वर्ष के अंत में बिज़नेस-टू-बिज़नेस बिक्री में वृद्धि की बदौलत तेजी आई थी लेकिन मई में कमी वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उपभोक्ता खर्च में कुछ बदलाव की ओर इशारा करती है।’

First Published - June 1, 2025 | 10:27 PM IST

संबंधित पोस्ट