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जीएसटी संग्रह फिर 1 लाख करोड़ रुपये पार

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:13 AM IST

कोविड-19 की पाबंदियों में ढील के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू होने से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई में तीन महीने के उच्च स्तर 1.1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। उम्मीद से बेहतर कर संग्रह से सरकार को आर्थिक सुधार में तेजी लाने के लिए खर्च बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
वित्त मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में जीएसटी संग्रह 1,16,393 करोड़ रुपये रहा, जो जून में 92,849 करोड़ रुपये था। हालांकि जुलाई के आंकड़े में जून के 4,937 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। असल में सरकार ने कोविड की दूसरी लहर के मद्देनजर 5 करोड़ रुपये सालाना कारोबार करने वाले करदाताओं को 15 दिन की देरी से रिटर्न दाखिल करने पर ब्याज आदि माफ कर दिया था, ऐसे में 4,937 करोड़ रुपये की यह रकम जून महीने से संबंधित है, जिसका रिटर्न 1 से 5 जुलाई के बीच भरा गया था। जुलाई 2021 में जीएसटी संग्रह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33 फीसदी अधिक रहा। अप्रैल में जीएसटी संग्रह रिकॉर्ड 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा था। जून में महामारी और स्थानीय लॉकडाउन की वजह से 8 महीने में पहली बार जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहा था। जुलाई में कर संग्रह उम्मीद के अनुरूप रहा क्योंकि दैनिक स्तर पर जारी ई-वे बिल से अर्थव्यवस्था में आपूर्ति बढऩे के संकेत मिल रहे थे। जून में रोजाना औसतन 18 लाख जारी ई-वे बिल जारी हुए, जो मई में 12 लाख थे।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘कोविड पाबंदियों में ढील देने से जुलाई में जीएसटी संग्रह फिर से 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है। आने वाले महीनों में भी जीएसटी संग्रह में तेजी आएगी।’ पिछले साल जुलाई की तुलना जुलाई 2021 में वस्तुओं के आयात से कर संग्रह 36 फीसदी और घरेलू लेनदेन से कर प्राप्तियां 32 फीसदी ज्यादा रही हैं।

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First Published - August 1, 2021 | 11:56 PM IST

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