facebookmetapixel
Advertisement
निवेश मांग घटने से प्लेटिनम मार्केट में सरप्लस की उम्मीद, ज्वेलरी मांग में 32 फीसदी की गिरावटe₹ और UPI में क्या फर्क? पैसा कहां रहता है, किसे मिलता है ब्याज और कैसे होता है भुगतान, जानिए सबकुछम्युचुअल फंड में क्या ‘चॉइस ओवरलोड’ बनी चुनौती? सर्वे में सामने आई अहम जानकारीअस्पताल में भर्ती नहीं हुए तो क्या मिलेगा हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम? कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर दिया साफब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार, तीन महीने बाद फिर उछला कच्चा तेल; आगे 115 डॉलर तक जाने का अनुमानOYO IPO पर आया अपडेट! इसी वित्त वर्ष में आएगा पब्लिक इश्यू? CEO रितेश अग्रवाल ने बताया प्लानसिंगापुर के PM की सैलरी में 64% बढ़ोतरी, मिलेंगे करीब 25 करोड़ रुपये; मोदी और ट्रंप को कितनी तनख्वाह?रिकॉर्ड हाई पर तांबा! महंगे भाव ने बिगाड़ा मेटल ट्रेडर्स का गणित, अब कर्ज की भी दिक्कतहुंडई इंडिया लाएगी सस्ती इलेक्ट्रिक SUV, EV मार्केट में विस्तार के लिए तैयार की बड़ी योजनाRentomojo IPO: ग्रे मार्केट में ₹140 का प्रीमियम, 34.65% लिस्टिंग गेन का संकेत; क्या पैसा लगाना सही रहेगा?

सरकार ने पशु निर्यात की अनुमति देने वाले मसौदा विधेयक को वापस लिया

Advertisement

आदेश में कहा गया है, ‘उपरोक्त विचारों को देखते हुए संबंधित प्राधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित मसौदा विधायक वापस लिया गया है।

Last Updated- June 21, 2023 | 10:45 PM IST
Universal Cattle Insurance Scheme

विभिन्न तिमाहियों से विरोध का सामना कर रही केंद्र सरकार ने पशुधन एवं पशुधन उत्पाद (आयात और निर्यात) विधेयक, 2023 का मसौदा वापस ले लिया है। अगर यह पारित हो जाता तो जीवित पशुओं के निर्यात का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना थी।

आधिकारिक आदेश में कहा गया है, ‘पशुधन आयात अधिनियम 1898 संविधान लागू होने और स्वतंत्रता के पहले केंद्रीय कानून था। इसे इस समय की जरूरतों और सैनिटरी व फाइटो सैनिटरी उपायों, मौजूदा परिस्थितियों व व्यापार नियम 1961 के मुताबिक बदलने की जरूरत महसूस की गई है।’

बहरहाल इसमें कहा गया है कि परामर्श के दौरान यह महसूस किया गया कि प्रस्तावित मसौदे को समझने, आगे और प्रतिक्रिया व सुझाव आमंत्रित करने के लिए ज्यादा वक्त की जरूरत है। आदेश में कहा गया है कि इस मसौदे को लेकर कई प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताई थी, जो पशुओं के कल्याण की संवेदनशीलता से जुड़े हुए थे, जिसे देखते हुए विधेयक पर व्यापक विमर्श की जरूरत महसूस की गई है।

आदेश में कहा गया है, ‘उपरोक्त विचारों को देखते हुए संबंधित प्राधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित मसौदा विधायक वापस लिया गया है।’ पशुओं के संरक्षण पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं, जैन धर्म मानने वालों और दक्षिण पंथी संगठनों ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया था और विभिन्न वजहों से इसे वापस लेने की मांग की थी।

Advertisement
First Published - June 21, 2023 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement