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खुशखबरी: मिलेगीं नौकरियां ही नौकरियां, 97% कंपनियों ने कहा हम hiring करेंगे

CII की ओर से कराए गए सर्वे के अंतरिम परिणाम से पता चलता है कि 97 प्रतिशत से ज्यादा फर्में वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में रोजगार में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

Last Updated- January 19, 2025 | 11:08 PM IST
In UP 21 per cent more youths get employment through State KVIC
प्रतीकात्मक तस्वीर

एक उद्योग सर्वे में हिस्सा लेने वाली 4 में से 3 फर्मों ने कहा है कि मौजूदा आर्थिक वातावरण निजी निवेश के लिए अनुकूल है। निवेश, नौकरियों और वेतन को लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII ) की ओर से कराए गए सर्वे के अंतरिम परिणाम से पता चलता है कि 97 प्रतिशत से ज्यादा फर्में वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में रोजगार में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजित बनर्जी ने कहा, ‘वृद्धि के 2 अहम चालक, निजी निवेश और रोजगार सकारात्मक नजर आ रहे हैं। हमें विश्वास है कि कुल मिलाकर इस साल वृद्धि 6.4 से 6.7 प्रतिशत के बीच रहेगी और यह वित्त वर्ष 2026 में 7 प्रतिशत रह सकती है।’ राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा हाल में जारी अग्रिम वृद्धि अनुमान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 में सकल स्थिर पूंजी निर्माण के रूप में दिखने वाली निवेश मांग 6.4 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जो पहली छमाही के समान है। इससे संकेत मिलते हैं कि निजी निवेश में सार्थक वृद्धि नहीं हो रही है। अग्रिम अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में भारत की जीडीपी 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो रिजर्व बैंक के 6.6 प्रतिशत और वित्त मंत्रालय के 6.5 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से कम है।

देश के सभी राज्यों में 500 कंपनियों के बीच कराए गए सर्वे में बड़ी, मझोली और छोटी सभी कंपनियों ने हिस्सा लिया और यह सर्वे फरवरी के पहले सप्ताह में पूरा हुआ। अंतरिम परिणाम 300 फर्मों के सर्वे के नमूनों के मुताबिक है। विनिर्माण और खनन क्षेत्र की फर्मों की सैंपल में हिस्सेदारी 68 प्रतिशत है। सर्वे में शामिल करीब 90 प्रतिशत फर्मों ने पिछले डेढ़ साल में अलग-अलग राशियों का निवेश किया है।

आधे से ज्यादा, 59 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में निवेश करेंगी और 70 प्रतिशत ने कहा कि वे वित्त वर्ष 2026 मे निवेश करेंगी।
बनर्जी ने कहा, ‘सर्वे में शामिल 70 प्रतिशत फर्मों ने कहा कि वित्त वर्ष 26 में वे निवेश करेंगी, इसका मतलब यह है कि निजी निवेश अगली कुछ तिमाहियों में गति पकड़ सकता है।’वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में निवेश बढ़ाने की योजना बना रही कंपनियों में 45 प्रतिशत कंपनियां 0 से 10 प्रतिशत के बीच अपना निवेश बढ़ाने पर विचार कर रही हैं, जबकि 39 प्रतिशत का कहना है कि वे निवेश में 11 से 20 प्रतिशत वृद्धि करेंगी।

 

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First Published - January 19, 2025 | 11:08 PM IST

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