facebookmetapixel
Advertisement
सिर्फ 30 दिन का LPG स्टॉक बचा, खाड़ी में फंसे जहाजों से भारत में गैस संकट का डरगैस संकट गहराया: कतर से LNG बंद, CNG महंगी होने का खतराअब नहीं जाना पड़ेगा अलग वेबसाइट पर, इन बैंक ऐप्स से ही मिलेगी पूरी CIBIL रिपोर्टपाकिस्तान में भड़के प्रदर्शन, अमेरिका ने कराची-लाहौर से स्टाफ हटाने का दिया आदेशBusiness Loan Insurance क्यों है जरूरी? कहीं आपकी एक चूक परिवार और संपत्ति को संकट में न डाल दे!SIP Investment: ₹10,000 की मंथली एसआईपी से कितना बनेगा पैसा? 5 से 15 साल तक की पूरी कैलकुलेशन देखेंSugar Stocks: क्या आने वाली है एथेनॉल कीमतों में बढ़ोतरी? शुगर शेयरों ने लगाई दौड़दुनिया के केंद्रीय बैंक अचानक क्यों धीमे पड़ गए? जनवरी में सोना खरीद सिर्फ 5 टनखामेनेई के बाद कौन? बेटे मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी29 दिग्गज शेयर 200-DMA के नीचे! क्या अब बेचने का समय आ गया? बता रहे एक्सपर्ट

डेट सिक्योरिटी में विदेशी बैंक बड़े निवेशक, FAR के तहत आए 23,351 करोड़ रुपये

Advertisement

क्लीयरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़े के अनुसार इस वित्त वर्ष में 1 जून से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने ऋण खंड में 26,251 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।

Last Updated- July 19, 2024 | 11:34 PM IST
RBI

जेपी मॉर्गन सूचकांक- योग्य बांड्स में शुद्ध निवेश प्रवाह के मूल्य से अधिक निवेश कर विदेशी बैंक इसके सबसे बड़े निवेशक बन गए हैं। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की अर्थव्यवस्था की स्थिति रिपोर्ट में दी गई है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार इस बुलेटिन के लेख में लेखकों की निजी राय है और यह भारतीय रिजर्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

क्लीयरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़े के अनुसार इस वित्त वर्ष में 1 जून से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने ऋण खंड में 26,251 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। विदेशी बैंकों ने 1 जून के बाद से 6 अरब डॉलर से अधिक के ऋण प्रतिभूति खरीदे हैं। हालांकि इस अवधि में भारत सरकार के पूरी तरह से सुलभ मार्ग (FAR) के तहत नामित भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों में 23,351 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।

पूरी तरह सुलभ मार्ग के तहत नामित 38 बॉन्ड में से केवल 29 ही जेपी मॉर्गन बॉन्ड सूचकांक के मानदंड को पूरा कर पाए हैं। मानदंड यह है कि इन बॉन्ड की फेस वैल्यू 1 अरब डॉलर से अधिक और बची हुई परिपक्वता अवधि 2.5 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार जेपी मॉर्गन सूचकांक में भारत के सावरिन बॉन्ड शामिल किए जाने से पहले ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इन बॉन्ड में अपना स्वामित्व बढ़ाकर 10 अरब डॉलर से अधिक कर दिया है। 28 जून से औपचारिक रूप से शामिल किए जाने के बाद विदेशी निवेशक ऋण खंड में 10,641 अरब रुपये का निवेश कर चुके हैं।

Advertisement
First Published - July 19, 2024 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement