facebookmetapixel
महिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेजतीसरी तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की जोरदार वापसी, उधारी में दो अंकों की तेज बढ़त

अक्टूबर में फिर फिसला निर्यात

Last Updated- December 14, 2022 | 9:19 PM IST

सितंबर में देश से हुए निर्यात के आंकड़ों ने थोड़ा उत्साह जगाया था, लेकिन अक्टूबर में निराशा हाथ लगी है। अक्टूबर में निर्यात 5.12 प्रतिशत कम हो गया। यूरोप में कोविड-19 वायरस का संक्रमण फिर बढऩे और अमेरिका में हालात अब भी नाजुक रहने निर्यात के आंकड़ों पर असर हुआ। दवा उत्पादों को छोड़कर पेट्रोलियम उत्पाद, रत्व एवं आभूषण, इंजीनियरिंग वस्तुओं सभी के निर्यात में कमी देखी गई। इससे पहले सितंबर में निर्यात 5 प्रतिशत उछला था, जिससे दूसरी छमाही में सुधार की उम्मीदें लगाई जाने लगी थीं। उस महीने निर्यात 27.58 अरब डॉलर के साथ लगभग कोविड-19 पूर्व के स्तर 27.65 के स्तर पर पहुंच गया था।
अक्टूबर में आयात में भी 11.53 प्रतिशत की कमी देखी गई। लगातार 8वें महीने से आयात में कमी देखी गई, लेकिन इसमें कमी आने की दर जरूर कम हो गई। अप्रैल में आयात में 58.65 प्रतिशत की कमी देखी गई थी, लेकिन सितंबर में यह आंकड़ा 19.60 प्रतिशत रह गया। इस तरह, व्यापार घाटा अक्टूबर में 11.75 अरब डॉलर के साथ नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सितंबर में यह आंकड़ा 2.72 अबर डॉल रहा था। अक्टूबर में तेल एवं सोना को छोड़कर दूसरे उत्पादों का आयात 4.90 प्रतिशत कम हो गया। हालांकि सितंबर में इन उत्पादों के आयात में 12.63 प्रतिशत की कमी आई थी। इससे सीधा संकेत मिलता है कि देश में मांग की स्थिति में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है। पिछले सात महीनों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में पहली बार बढ़ोतरी दिखी, भले ही यह 0.2 प्रतिशत रही रही। 

First Published - November 13, 2020 | 10:57 PM IST

संबंधित पोस्ट