facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

अगले वित्त वर्ष में लुढ़केगा देश से निर्यात

Last Updated- December 09, 2022 | 11:56 PM IST

देश का निर्यात मौजूदा वित्त वर्ष में हालांकि थोड़ा बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन अगले वित्त वर्ष में इसमें गिरावट की आशंका है।
आर्थिक मंदी की खराब दशा के चलते मांग में हुई जोरदार कमी के चलते यह गिरावट हो सकती है। यह जानकारी वाणिज्य सचिव के. पिल्लई ने दी है।
कई भारतीय वस्तुओं का लगातार तीन महीने का अनुबंध इस दिसंबर में खत्म हो गया है। इस बीच पूरी दुनिया में मांग में हुई कमी के चलते सरकारी अनुमान बता रहे हैं कि जनवरी 2009 में इन उत्पादों की विदेशों में बिक्री जबरदस्त घटी है।
पिल्लई ने बताया कि 2009-10 में इन वस्तुओं का निर्यात यदि 160 अरब डॉलर का आंकड़ा पा लिया तो यह एक उपलब्धि होगी। वाणिज्य मंत्रालय को मिले प्राथमिक आंकड़े बताते हैं कि पिछले महीने इन वस्तुओं का निर्यात 22 फीसदी कम हुआ है।
हालांकि मंत्रालय जनवरी महीने मेंं हुए निर्यात का आंकड़ा 1 मार्च को घोषित करेगा। बहरहाल आशंका जताई जा रही है कि जनवरी 2009 में निर्यात में हुई गिरावट 1990 के बाद सबसे तेज मासिक गिरावट है। गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक निर्यात का आंकड़ा 1990 से रेकॉर्ड कर रहा है। तब से अब तक निर्यात में सबसे अधिक कमी मई 1998 में दर्ज की गई थी।
पिल्लई ने यह भी बताया कि 2008-09 में देश का निर्यात 170 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। उनके मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष यानी 2008-09 में निर्यात की विकास दर 5 फीसदी ही रहने का अनुमान है। मालूम हो कि पिछले वित्त वर्ष में 162 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था।
देश का निर्यात अक्टूबर 2008 से तब लुढ़कना शुरू हुआ जब आर्थिक मंदी का असर गहराने लगा। विकसित देशों मसलन अमेरिका, यूरोपीय संघ के देशों और जापान जो दुनिया के कुल उत्पादन के आधे के लिए जवाबदेह है, में मांग कम होने का असर देश के निर्यात पर भी हुआ है।
हालांकि यहां की सरकार ने भी दिसंबर से अब तक दो-दो आर्थिक उत्प्रेरक पैकेज घोषित किए। इस पैकेज के तहत निर्यात ऋण के ब्याज दर में 2 फीसदी की छूट दी गई। इस बीच पिल्लई ने एक टेलीविजन चैनल को बताया कि इस वित्त वर्ष के अंत यानी मार्च के आखिर तक निर्यात सेक्टर से जुड़े कोई 15 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
अगस्त से मध्य जनवरी तक तो करीब 7-10 लाख लोग बेरोजगार हो भी चुके हैं और यदि विकसित देशों में यह मंदी आगे भी जारी रही तो मार्च होते-होते और 5 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

First Published - February 4, 2009 | 5:36 PM IST

संबंधित पोस्ट