facebookmetapixel
Stocks To Buy: मार्केट क्रैश में खरीदारी का मौका, बोनांजा की पसंद 3 पीएसयू बैंक शेयर; 27% तक अपसाइड34% रिटर्न दे सकता है ये IT स्टॉक, Q3 में 18% बढ़ा मुनाफा; ब्रोकरेज ने कहा- सही मौका50% टैरिफ, फिर भी नहीं झुके भारतीय निर्यातक, बिल चुकाया अमेरिकी खरीदारों नेनई नैशनल इले​क्ट्रिसिटी पॉलिसी का मसौदा जारी, पावर सेक्टर में 2047 तक ₹200 लाख करोड़ निवेश का अनुमानखदानें रुकीं, सप्लाई घटी, क्या कॉपर बनने जा रहा है अगली सुपरहिट कमोडिटी, एक्सपर्ट से जानेंभारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध के करीब थे, मैंने संघर्ष रोका: व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में ट्रंप ने फिर किया दावाAmagi Media Labs IPO ने निवेशकों को किया निराश, 12% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए शेयरGold and Silver Price Today: सोने ने हासिल की नई ऊंचाई, चांदी सुस्त शुरुआत के बाद सुधरीBudget 2026: PSU के भरोसे कैपेक्स को रफ्तार देने की तैयारी, अच्छी कमाई के लिए ब्रोकरेज की पसंद बने ये 6 सेक्टरReliance Share: 30% उछलेगा स्टॉक! ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; कहा – जियो लिस्टिंग और रिटेल ग्रोथ से मिलेगी रफ्तार

कृषि क्षेत्र में 2.6 फीसदी की वृद्घि का अनुमान

Last Updated- December 11, 2022 | 8:59 PM IST

देश के कृषि क्षेत्र में वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में स्थिर मूल्यों पर 2.6 फीसदी की वृद्घि का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी की वृद्घि से कम है। खरीफ की बंपर पैदावार के बावजूद ऐसा मोटे तौर पर उच्च आधार के प्रभाव के कारण हुआ है।
इस क्षेत्र के लिए दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक पूरे वर्ष का सकल मूल्य वद्र्घन (जीवीए) अब स्थिर मूल्यों पर 3.3 फीसदी अनुमानित है जो कि पहले अनुमान में 3.9 फीसदी रहा था जबकि पूरे वित्त वर्ष 2022 के लिए मौजूदा कीमतों पर वृद्घि अब 9.8 फीसदी रहने का अनुमान है जो कि पहले अनुमान में 9.1 फीसदी रहा था।         
बहरहाल, मौजूदा कीमतों पर वित्त वर्ष 2021-22 की अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में वृद्घि 9.7 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.8 फीसदी रही थी।
इसलिए, मुद्रास्फीति प्रभाव 7.1 प्रतिशत अंक बताया जा रहा है जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में रहे 4.7 प्रतिशत अंकों से अधिक है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘तीसरी तिमाही में कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए जीवीए पिछले वित्त वर्ष से कम है। ऐसा मुख्य तौर पर आधार प्रभाव और संबंधित क्षेत्र में कम वृद्घि के कारण हो सकता है क्योंकि चालू सीजन में फसल क्षेत्र की पैदावार जबरदस्त होने की संभावना है।’ सबनवीस के मुताबिक कुल कृषि जीवीए में संबंधित क्षेत्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी के करीब है।
कृषि और संबंधित गतिविधियों की वृद्घि लंबे वक्त से 3-4 फीसदी के करीब अटकी हुई है जबकि इस क्षेत्र पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर लोगों की संख्या में बहुत बड़ी कमी नहीं आई है।
साथ ही, उच्च मुद्रास्फीति के कारण कृषि में व्यापार की शर्तें उच्च उत्पादन के बावजूद किसानों के खिलाफ गई हैं।
उत्पादन के मोर्चे पर ताजे दूसरे अग्रिम अनुमान के डेटा दर्शाते हैं कि 2021-22 सीजन में खरीफ और रबी की पैदावार मिलाकर देश में रिकॉर्ड 31.606 करोड़ टन खाद्यन्न उत्पादन हो सकता है जो कि पिछले वर्ष से 1.71 फीसदी अधिक है।      
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 2021-22 में दलहन का कुल उत्पादन 2.696 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष से 5.77 फीसदी अधिक है जबकि खरीफ सीजन में उगाए गए तिहलन सहित तिलहन का कुल उत्पादन 3.714 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष से 3.34 फीसदी अधिक है।
कपास उत्पादन 3.406 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष से 3.35 फीसदी कम है वहीं गन्ने का उत्पादन 41.404 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष से 2.13 फीसदी अधिक है।

First Published - March 1, 2022 | 12:05 AM IST

संबंधित पोस्ट