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इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कर भरने पर जोर

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Last Updated- December 10, 2022 | 5:27 PM IST

आयकर विभाग टैक्स रिटर्न भरने में मदद करने वाले कार्मिकों (टैक्स रिटर्न प्रिप्रेयरर्स, टीआरपी) के दूसरे बैच में 5000 लोगों की भर्ती जल्द करने जा रहा है।


पूरे देश में 12 लाख से ज्यादा लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वर्ष 2007-08 में कर जमा किया । विभाग एनआईआईटी और टैक्समैन की मदद से रिटर्न दाखिल करने की इलेक्ट्रॉनिक तकनीक को विकसित करने पर काम कर रहा है।


वर्ष 2007 में इस तरह का कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसके तहत  टीआरपी को रिटर्न दाखिल करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। उसके बाद वे करदाताओं की रिटर्न दाखिल करने में मदद करते हैं।


ज्यादा लोग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कर जमा करें। इस प्रक्रि या के तहत विभाग प्रत्येक कर जमा करने वाले से 250 रुपये लेती है और इसके बाद विभाग पहले, दूसरे और तीसरे साल में इन टीआरपी को क्रमश: 3 प्रतिशत, 2 प्रतिशत और 1 प्रतिशत भुगतान करती है।


एकाध महीने में विभाग 5000 टीआरपी को चुनने के लिए अखिल भारतीय जांच परीक्षा का आयोजन करेगा ताकि जून के अंत तक उसे पूरा प्रशिक्षित कर दिया जाए। इसके बाद कर जमा करने के सबसे व्यस्ततम महीने जुलाई में इन भर्ती किये गए टीआरपी से अपेक्षित काम लिया जा सके। पिछले साल देशभर के 100 केंद्रों पर इन टीआरपी को प्रशिक्षित किया गया था।


इसबार इसके लिए नए भौगोलिक क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। पिछले साल जिन 5000 टीआरपी को भर्ती किया गया था, उनमें 3,700 को काम करने के लिए अधिकृत किया गया और इन्होंने 50,000 लोगों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिटर्न दाखिल करने के लिए आकर्षित किया।  वर्ष 2007-08 में स्वरोजगारियों, वैतनिक, बुजुर्गों, अविभाजित हिन्दू परिवारों और महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


इस कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए अब विभाग चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग टीआरपी के जरिये इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिटर्न दाखिल करें। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हम लोगों ने इस कार्यक्रम को अचानक पिछले साल शुरू किया था और इससे पहले हमारे पास इसका कोई अनुभव नहीं था। इस बार हम इस कार्यक्रम में थोड़ी तब्दीली कर इसे प्रभावकारी बनाने की सोच रहे हैं।


विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग एक नोडल पदाधिकारी को नियुक्त करने की भी सोच रहा है जो स्थानीय समस्याओं के  साथ-साथ इन टीआरपी के क्रियाकलापों पर भी निगरानी रखेगा। विभाग इस संदर्भ में कारोबारी को बतौर नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने की सोच रहा है।

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First Published - April 8, 2008 | 10:54 PM IST

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