facebookmetapixel
Swiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारीनिफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसाबजट से पहले बड़ा संकेत! डिफेंस और इंफ्रा बनेंगे गेमचेंजर, निफ्टी को भी मिल सकती है नई रफ्तारगिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भावShadowfax IPO को अप्लाई करने का आखिरी मौका, दांव लगाए या नहीं? ग्रे मार्केट यह दे रहा इशारा52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफाGold and Silver Price Today: सोने की कीमतों में नरमी, चांदी में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत

ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए DGFT, रेवेन्यू डिपार्टमेंट मिलकर कर रहे हैं काम

उद्योग सूत्रों के अनुसार, फिलहाल देश का ई-कॉमर्स निर्यात दो अरब डॉलर है, जबकि चीन का निर्यात 350 अरब डॉलर है।

Last Updated- June 23, 2024 | 3:20 PM IST
E-commerce
Representative Image

देश से ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) राजस्व विभाग के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके तहत देशभर में निर्दिष्ट ई-कॉमर्स केंद्र स्थापित किए जाएंगे जिससे ऑनलाइन निर्यात की प्रक्रिया को सुसंगत बनाया जा सकेगा।

उद्योग सूत्रों के अनुसार, फिलहाल देश का ई-कॉमर्स निर्यात दो अरब डॉलर है, जबकि चीन का निर्यात 350 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक सहयोगी ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना करके इस अंतर को पाटना है।

विदेश व्यापार महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने पीटीआई-भाषा से कहा, “इस संबंध में बहुत चीजें सुव्यवस्थित करने की जरूरत है। हम राजस्व विभाग के साथ मिलकर ई-कॉमर्स केंद्र स्थापित करने पर काम कर रहे हैं, ताकि माल की खेप को मंजूरी में तेजी लाई जा सके।’’

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में समर्पित सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच जैसी सुविधाएं होंगी, जिससे पहले से मंजूरी प्राप्त पार्सल को हवाई अड्डों पर ‘ग्रीन चैनल’ के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकेगा और आगे इनकी जांच की जरूरत नहीं होगी।

सारंगी ने कहा कि यह दृष्टिकोण अन्य देशों में अपनाई गई सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने बताया कि ई-कॉमर्स केंद्र का निर्माण और रखरखाव निजी संस्थाओं द्वारा किया जाएगा, जबकि सरकार सुरक्षा और सीमा शुल्क मंजूरी का काम देखेगी।

First Published - June 23, 2024 | 3:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट