सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) का पूंजीगत व्यय साल के 6.62 लाख करोड़ रुपये लक्ष्य की तुलना में 31 अगस्त तक 34 प्रतिशत रहा है। अप्रैल-अगस्त 2022 के दौरान केंद्र के उपक्रमों ने 2.3 लाख करोड़ रुपये खर्ज किए हैं।
अप्रैल-जुलाई के दौरान पीएसयू ने 1.84 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय किया, जो चालू वित्त वर्ष के कुल लक्ष्य का 28 प्रतिशत है। इसकी तुलना में अप्रैल-जुलाई 2021 के दौरान 1.34 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय किया गया था, जो सालाना लक्ष्य 5.75 लाख करोड़ रुपये का का 22 प्रतिशत था।
वित्त वर्ष 22 में पीएसयू ने 5.5 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय किए और 5.75 लाख करोड़ रुपये सालाना लक्ष्य का 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया। एक अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में खर्च की धारणा पिछले साल जैसी ही है, वहीं पीएसयू को कहा गया है कि वे अपने पूंजीगत व्यय के कार्यक्रम में तेजी लाएं। पीएसयू को लक्ष्य दिया गया है कि 31 दिसंबर तक पूंजीगत व्यय का 95 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लें। इस माह की शुरुआत में प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएसयू के पूंजीगत व्यय की समीक्षा की थी।
केंद्र ने विभागों और पीएसयू के माध्यम से अर्थव्यवस्था को गति देने की कवायद की है, जिससे महामारी की वजह से आई मंदी के बाद रिकवरी हो सके। हालांकि निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय बहुत कम है। केंद्र सरकार ने 2022-23 के आम बजट में 7.5 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लक्ष्य की घोषणा की थी, जिससे महामारी से पैदा हुई सुस्ती दूर हो सके और आर्थिक रिकवरी को समर्थन मिल सके।
केंद्र ने जुलाई 2022 तक 2.1 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय किया था। यह बजट के लक्ष्य का 28 प्रतिशत है, जबकि जुलाई 21 तक 5.5 लाख करोड़ रुपये व्यय का 23 प्रतिशत खर्च किया था। अगस्त में पूंजीगत व्यय के आंकड़े शुक्रवार को जारी किए जाएंगे। इस माह की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पौराणिक पात्र हनुमान को याद करते हुए उद्योग जगत से निवेश की दिशा में कदम बढ़ाने को कहा था।
उन्होंने कहा था, ‘क्या यह हनुमान जैसी स्थिति है? आप अपनी क्षमता पर भरोसा नहीं करते, अपनी ताकत पर भरोसा नहीं करते और कोई आपके पास आकर खड़ा होगा और कहेगा कि आप हनुमान हैं, आप ऐसा करें?’बहरहाल ऐसे संकेत हैं कि बेहतर मुनाफे, डिलिवरेज्ड बैलेंस सीट, मजबूत घरेलू मांग और बेहतर तरीके से पूंजीकृत बैंकिंग व्यवस्था के कारण निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय पुनरुत्थान की ओर है।