facebookmetapixel
Advertisement
NCR में घर की औसत कीमत 3.8 करोड़ रुपये, आखिर कौन खरीद रहा इतने महंगे घर?Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी की कीमतों में उछाल, जानें कितने हुए महंगेByju’s के फाउंडर रवींद्रन को 6 महीने की जेल, आखिर सिंगापुर कोर्ट ने क्यों सुनाई सजा?JK Cement के शेयर पर ब्रोकरेज बुलिश, बढ़ती कीमतें और मजबूत डिमांड से 32% तक अपसाइड का अनुमानStock Market Update: सेंसेक्स 100 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 से नीचे; स्मॉल और मिडकैप में तेजीमुनाफा घटा लेकिन ONGC ने निवेशकों को किया खुश, डिविडेंड का ऐलान, चेक करें डिटेल्सUS-Iran War: ट्रंप का मीडिया पर बड़ा हमला, कहा- ‘ईरान सरेंडर करे तब भी अमेरिका की जीत नहीं दिखाएंगे’Stocks To Watch Today: Coal India से Sun Pharma तक, आज इन शेयरों में रह सकती है तगड़ी हलचलNHPC ने 15 साल के बॉन्ड से जुटाए ₹2,000 करोड़, 7.67% ब्याज दर पर मिला जोरदार रिस्पॉन्सआय सर्वेक्षण में लोगों की झिझक बड़ी चुनौती, विदेशी मॉडल्स से सीखने की तैयारी में भारत 

समुद्री क्षेत्र के लिए कई उत्पादों पर सीमा शुल्क घटाने का बजट प्रस्ताव

Advertisement
Last Updated- February 05, 2023 | 5:53 PM IST
Rising sea level, will Chennai and Kolkata drown? danger looming over the metropolis

सरकार ने समुद्री क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले फिश लिपिड ऑयल, क्रिल मील और एल्गल प्राइम जैसे कई कच्चे माल पर आयात शुल्क घटाया है। इस फैसले का मकसद घरेलू उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देना है।

जलीय चारा बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले फिश लिपिड तेल और अल्गल प्राइम (आटा) पर शुल्क को 30 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को पेश आम बजट में जलीय चारा बनाने में इस्तेमाल होने वाले फिश मील और क्रिल मील पर भी शुल्क को 15 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया।

बजट दस्तावेजों के मुताबिक, जलीय चारे में इस्तेमाल होने वाले मिनरल और विटामिन प्रीमिक्स पर शुल्क को 15 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। झींगा का स्थानीय उत्पादन बढ़ाने के लिए मत्स्य आहार पर मूल सीमा शुल्क को भी 15 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है।

मछलियों के चूरे से बनने वाले फिश मील में काफी अधिक प्रोटीन होता है। इसके अलावा यह कैल्शियम, फास्फोरस और अन्य खनिजों का अच्छा स्रोत है। समुद्री उद्योग बड़े पैमाने पर फिश मील का इस्तेमाल करता है।

यह भी पढ़ें : रीपो रेट में चौथाई प्रतिशत की और वृद्धि कर सकता है रिजर्व बैंक : विशेषज्ञ

अप्रैल-नवंबर, 2022 के दौरान फिश लिपिड ऑयल का आयात 71.3 लाख डॉलर था। यह मुख्य रूप से चीन, जापान और अमेरिका से आयात किया जाता है। निर्यातक संगठन ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन’ (फिओ) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि शुल्क में कमी से समुद्री निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे उत्पादन लागत में पांच फीसदी की कमी आने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - February 5, 2023 | 5:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement