facebookmetapixel
DSP MF का नया Multi Asset Omni FoF लॉन्च, ₹100 से इक्विटी-डेट-गोल्ड में डायनैमिक निवेश का मौकाRBI से बैंकों की गुहार: लोन ग्रोथ तेज, जमा सुस्त, लिक्विडिटी नियमों में ढील की मांगSEBI ने मार्केट इंटरमीडिएटरीज के लिए ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ फ्रेमवर्क में व्यापक बदलावों का प्रस्ताव रखाAMC Stocks में तेजी की गुंजाइश, ब्रोकरेज ने दिए 18–28% अपसाइड के टारगेट₹1,000 का लेवल टच करेगा ये Hotel Stock! मोतीलाल ओसवाल ने शुरू की कवरेज, 30% अपसाइड का टारगेटONGC, Oil India और BPCL क्यों बन रहे हैं ब्रोकरेज के फेवरेट? रिपोर्ट में 10% अपसाइड का संकेतInterest Rates: MPC में सरप्राइज नहीं होगा? नुवामा ने बताया RBI का अगला बड़ा दांव क्या हैAnthropic के नए टूल ने IT सेक्टर में मचाई खलबली! इंफोसिस से लेकर टीसीएस के शेयर धड़ाम, क्या करता है ये टूल ?Cement Sector: मांग और कीमतों में सुधार के बीच नुवामा की BUY कॉल, जेके सीमेंट बनी टॉप पिक25% उछलेगा अदाणी का यह शेयर, कंपनी की परफॉर्मेंस से ब्रोकरेज खुश; BUY की दी सलाह

हिंसा के बाद अब महंगाई की मार झेल रहा ग्रामीण मणिपुर

उत्तर पूर्व के सात राज्यों को मई, जून और जुलाई के दौरान बढ़ती महंगाई झेलनी पड़ी लेकिन यह मणिपुर जैसी नहीं थी

Last Updated- August 17, 2023 | 11:39 PM IST
inflation

हिंसा की मार झेल रहे मणिपुर के ग्रामीण इलाके बढ़ती खुदरा महंगाई से जूझ रहे हैं। राज्य में मई से शुरू हुई हिंसा के बाद राज्य में महंगाई बढ़ने का रुझान कायम है। राज्य के गांवों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अप्रैल में 5.72 प्रतिशत थी और यह मई में बढ़कर 12.32 प्रतिशत हो गई।

यह जून में बढ़कर 12.98 प्रतिशत पर पहुंच गई। हालांकि इसमें जुलाई में कुछ सुस्ती आई लेकिन यह उच्चतर स्तर 12.06 प्रतिशत पर थी। मणिपुर की 71 फीसदी आबादी गांवों में रहती है। इसके विपरीत राज्य के शहरी इलाकों में कम महंगाई की दर : अप्रैल में 2.73 प्रतिशत, जून में 3.26 प्रतिशत और जुलाई में 3.43 प्रतिशत थी। हालांकि यह शहरी क्षेत्रों में दर्ज की गई महज 0.06 प्रतिशत मुद्रास्फीति से कहीं अधिक थी।

नतीजतन मणिपुर में इन तीन महीनों के दौरान संचयी मुद्रास्फीति की दर 9 फीसदी से अधिक हो गई और जून में मुद्रास्फीति दो अंकों में पहुंच गई। मणिपुर में अप्रैल में मुद्रास्फीति की दर मामूली रूप से 4.03 प्रतिशत थी और यह मई में बढ़कर 9.46 प्रतिशत हो गई। फिर जून में बढ़कर 10.09 प्रतिशत हो गई। फिर जुलाई में गिरकर 9.59 प्रतिशत पर आ गई। जुलाई में राज्य की मुद्रास्फीति में गिरावट ग्रामीण क्षेत्रों के रुझान के अनुरूप थी।

उल्लेखनीय है कि जुलाई में मणिपुर से ज्यादा मुद्रास्फीति राजस्थान में दर्ज की गई थी। इस महीने के दौरान झारखंड में भी 9 फीसदी से अधिक मुद्रास्फीति – 9.16 प्रतिशत दर्ज हुई। हालांकि इन दोनों ही राज्यों के ग्रामीण इलाकों में मुद्रास्फीति की दर 12 फीसदी से अधिक नहीं हुई। इस अवधि के दौरान राजस्थान के गांवों में मुद्रास्फीति की दर 9.30 प्रतिशत और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में मुद्रास्फीति की दर 9.91 प्रतिशत थी।

हरियाणा, तमिलनाडु और तेलंगाना के गांवों को भी जुलाई में 9 फीसदी से अधिक महंगाई की दर को झेलना पड़ा था। इस क्रम में हरियाणा के गांवों को 9.46 प्रतिशत, तमिलनाडु के गांवों को 9.41 प्रतिशत और तेलंगाना के गांवों को 9.72 प्रतिशत महंगाई झेलनी पड़ी थी।

पूरे भारत में मई के दौरान महंगाई मामूली रूप से 4.31 प्रतिशत और जून में 4.87 प्रतिशत थी। हालांकि इन दो महीनों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 4.23 प्रतिशत से 4.78 प्रतिशत के बीच नियंत्रित रही थी। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर जुलाई में महंगाई बढ़कर 7.44 प्रतिशत हो गई थी।

इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक महंगाई की मार झेली। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 7.63 प्रतिशत थी जबकि शहरी क्षेत्रों में 7.2 फीसदी थी। महंगाई बढ़ने के लिए खाद्य पदार्थों विशेषकर सब्जियों में जैसे टमाटर के साथ साथ दालों और अनाज के दाम बढ़ने उत्तरदायी थे।

उत्तर पूर्व के सात राज्यों को मई, जून और जुलाई के दौरान बढ़ती महंगाई झेलनी पड़ी लेकिन यह मणिपुर जैसी नहीं थी।

First Published - August 17, 2023 | 11:21 PM IST

संबंधित पोस्ट